नई दिल्ली (पब्लिक फोरम)। करीब एक महीने से अधिक समय से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधिमंडल के बीच तीन दौर की वार्ता के बाद संगठन ने दावा किया कि उसकी प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की गई।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने संगठन की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों से तत्काल प्रभाव से धरना समाप्त करने और शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने का आग्रह किया।
आशुतोष रांका ने कहा, “हमारी सभी मांगें मान ली गई हैं। हम प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे तुरंत प्रभाव से शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन वापस ले लें। भविष्य की रणनीति और अन्य मुद्दों की जानकारी समय आने पर साझा की जाएगी।”
NEET प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे पर बनी सहमति
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि NEET परीक्षा से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को प्रचलित नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रेस वार्ता में आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन ने प्रभावित परिवारों के लिए ₹1 करोड़ के मुआवजे की मांग रखी थी। उनके अनुसार सरकार ने सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है, हालांकि यह सहायता लागू नियमों और कानूनों के अनुरूप होगी।
पांच सूत्रीय सुधार एजेंडे पर आगे भी होगी चर्चा
CJP ने बताया कि तत्काल मांगों के अलावा उसने सरकार को शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार से संबंधित पांच सूत्रीय मांग-पत्र भी सौंपा है। संगठन का कहना है कि इस विषय पर लगभग चार सप्ताह बाद फिर से सरकार के साथ बैठक प्रस्तावित है, जिसमें दीर्घकालिक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
आशुतोष रांका ने कहा, “हम शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार चाहते हैं। इस संबंध में हमने पांच सूत्रीय मांग-पत्र दिया है और चार सप्ताह बाद फिर सरकार से मिलकर आगे की कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे।”
आंदोलन वापस लेने की औपचारिक घोषणा
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन सरकार के आश्वासन पर विश्वास व्यक्त करते हुए आंदोलन वापस ले रहा है। उन्होंने कहा कि अब सरकार से तय समय-सीमा के भीतर सहमत बिंदुओं को लागू किए जाने की अपेक्षा है।
सौरव दास ने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी यह घोषणा करती है कि हम अच्छे विश्वास के साथ अपना आंदोलन वापस ले रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि सहमत शर्तों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।”
आंदोलन की पृष्ठभूमि
जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन के दौरान CJP ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखी थीं। इनमें NEET से प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता, शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा अन्य नीतिगत मुद्दे शामिल बताए गए। इन मांगों को लेकर सरकार और संगठन के बीच पिछले दिनों तीन चरणों में बातचीत हुई, जिसके बाद शनिवार को सहमति बनने का दावा किया गया।
यदि सरकार निर्धारित समय-सीमा के भीतर सहमत बिंदुओं को लागू करती है, तो इससे NEET से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की संभावना है। वहीं, शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में प्रस्तावित सुधारों पर आगे बढ़ने की स्थिति में लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सरकार अपने आश्वासनों को किस समय-सीमा और किस स्वरूप में लागू करती है।





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