रायगढ़(पब्लिक फोरम) । 18 जून 2026/ खरीफ मौसम को देखते हुए जिले में किसानों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। जिला प्रशासन द्वारा सहकारी समितियों में उर्वरकों का भंडारण सुव्यवस्थित ढंग से किया गया है, ताकि किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उप संचालक कृृषि श्री अनिल वर्मा ने बताया कि जिले में यूरिया की कुल मांग 17,500 मीट्रिक टन के विरुद्ध 14,988 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो कुल मांग का 85.65 प्रतिशत है। जिले में यूरिया की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा किसानों को आवश्यकतानुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही यूरिया के वैकल्पिक उर्वरक के रूप में नैनो यूरिया का भंडारण भी सहकारी समितियों में प्रारंभ कर दिया गया है।
डीएपी उर्वरक की मांग 7,800 मीट्रिक टन के विरुद्ध वर्तमान में 2,256 मीट्रिक टन उपलब्ध है। वहीं किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके एवं एसएसपी उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। जिले में एनपीके उर्वरक की उपलब्धता 103.07 प्रतिशत तथा एसएसपी की उपलब्धता 92.14 प्रतिशत है। इसके अलावा नैनो डीएपी का भंडारण भी जिले में प्रारंभ हो गया है, जिससे किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों का लाभ मिल सकेगा।
कृषि विभाग ने आम नागरिकों एवं कृषक भाइयों से अपील की है कि उर्वरकों की कमी संबंधी किसी भी प्रकार की भ्रामक एवं अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें। जिले की सहकारी समितियों में यूरिया, डीएपी सहित अन्य वैकल्पिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है तथा किसानों को आवश्यकता अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विभाग द्वारा लगातार भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी भी की जा रही है।
जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धतायूरिया की कोई कमी नहीं, समितियों में 85 प्रतिशत से अधिक भंडारण
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