कोरबा (पब्लिक फोरम)| प्राकृतिक आपदाएं कभी भी किसानों की कड़ी मेहनत और फसलों को तबाह कर सकती हैं। मौसम के बदलते मिजाज और अनिश्चितता के इस दौर में फसलों की सुरक्षा बहुत जरूरी हो गई है। कोरबा जिले के किसानों के लिए अपनी फसलों को सुरक्षित करने का एक बड़ा अवसर सामने आया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की आखिरी तारीख 31 जुलाई रखी गई है। समय पर बीमा कराने से प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले भारी आर्थिक नुकसान से राहत मिल सकती है। कृषि विभाग कोरबा ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे बिना अंतिम तारीख का इंतजार किए जल्द से जल्द आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें।
कोरबा जिले में इस योजना के अंतर्गत धान सिंचित और असिंचित दोनों तरह की फसलों के अलावा मक्का, उड़द, तुअर, मूंग, कोदो, कुटकी, मूंगफली और रागी जैसी प्रमुख फसलों को शामिल किया गया है। अच्छी बात यह है कि इस योजना का लाभ केवल वही किसान नहीं उठा सकते जिन्होंने बैंक से लोन लिया है, बल्कि जिन्होंने कर्ज नहीं लिया है वे अऋणी किसान, जमीन के मालिक, बटाईदार और वनपट्टाधारी किसान भी इसका पूरा फायदा उठा सकते हैं। मेहनत से उगाई गई फसल को सुरक्षा चक्र देना हर किसान का अधिकार और जरूरत दोनों है।
अगर कभी बारिश, बाढ़, सूखा या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान पहुंचता है, तो किसान को घबराने की जरूरत नहीं है। नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके तुरंत इसकी सूचना देना अनिवार्य है। समय पर दी गई सूचना से क्लेम या दावे की प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है और मुआवजा मिलने में किसी तरह की रुकावट नहीं आती। सही समय पर कदम उठाने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुरक्षित रहती है।
आवेदन करने की प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाया गया है। अऋणी किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी, संबंधित बैंक शाखा, लोक सेवा केंद्र या सीधे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए कुछ जरूरी कागजात साथ रखना आवश्यक है। 31 जुलाई की समय सीमा नजदीक है, इसलिए समय रहते बीमा करवाकर अपनी मेहनत को सुरक्षित बनाएं।





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