कोरबा (पब्लिक फोरम)। हसदेव नदी के सीतामढ़ी क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों पर खनिज विभाग ने कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे खनिज उड़नदस्ता दल ने क्षेत्र में दबिश देकर 9 वाहनों को जब्त किया। इनमें कुछ वाहन नदी में फंसे मिले, जबकि कुछ वाहनों को मौके पर छोड़कर उनके चालक या संबंधित लोग फरार हो गए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर कोरबा जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में हसदेव नदी के सीतामढ़ी क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की लगातार मिल रही शिकायतों को खनिज विभाग ने कार्रवाई का आधार बनाया।
शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे खनिज विभाग के उड़नदस्ता दल ने सीतामढ़ी क्षेत्र में दबिश दी। विभाग के अनुसार, मौके पर हसदेव नदी से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन करते पाए गए वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
##नदी में फंसे मिले वाहन, कुछ मौके पर छोड़कर भागे
कार्रवाई के दौरान कुल 9 वाहन जब्त किए गए। इनमें कुछ वाहन हसदेव नदी में फंसे हुए थे। वहीं, कुछ वाहनों को संबंधित लोग मौके पर छोड़कर फरार हो गए।
नदी में फंसे वाहनों को बाहर निकालने के लिए नगर पालिक निगम कोरबा की मदद ली गई। इसके बाद जब्त वाहनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागीय और पुलिस अभिरक्षा में रखा गया।
##कोतवाली थाना और उरगा खनिज जांच चौकी में रखे गए वाहन
खनिज विभाग के अनुसार, जब्त वाहनों को कोतवाली थाना कोरबा और खनिज जांच चौकी उरगा की अभिरक्षा में रखा गया है। संबंधित मामलों में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, विभाग की ओर से जारी जानकारी में जब्त किए गए वाहनों के मालिकों, चालकों या उनसे संबंधित व्यक्तियों के नाम तथा प्रत्येक वाहन के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन मामलों में आगे की कार्रवाई के बाद ही विस्तृत स्थिति स्पष्ट होगी।
##अवैध खनन से राजस्व और प्राकृतिक संसाधनों पर असर
खनिज विभाग का कहना है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक खनिज संसाधनों की सुरक्षा के साथ-साथ शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोकना भी है।
रेत जैसे गौण खनिजों का अनधिकृत उत्खनन केवल राजस्व से जुड़ा विषय नहीं है। नदी क्षेत्र में अनियंत्रित उत्खनन से नदी के प्राकृतिक स्वरूप और स्थानीय पर्यावरण पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में कार्रवाई की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अवैध गतिविधियों पर नियमित निगरानी के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे कितनी प्रभावी कानूनी कार्रवाई होती है।
खनिज विभाग के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन कर अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और वाहनों के खिलाफ खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम तथा अन्य लागू वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सीतामढ़ी में हुई कार्रवाई भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। जब्त वाहनों से संबंधित मामलों में आगे की जांच और नियमानुसार कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित पक्षों पर कौन-कौन से दंडात्मक या राजस्व संबंधी प्रावधान लागू किए जाते हैं।
सीतामढ़ी में नौ वाहनों की जब्ती यह बताती है कि हसदेव नदी क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है। लेकिन प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा केवल छिटपुट कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए नियमित निरीक्षण, पारदर्शी कार्रवाई और नियमों का लगातार पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। हसदेव जैसी नदियां स्थानीय जीवन और पर्यावरण दोनों से जुड़ी हैं, इसलिए उनका संरक्षण प्रशासनिक कार्रवाई के साथ सामुदायिक जिम्मेदारी का भी विषय है।






Recent Comments