छत्तीसगढ़/सक्ती (पब्लिक फोरम)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट आज खून से रंग गया। दोपहर के वक्त जब मजदूर अपनी जान लगाकर काम में जुटे थे, तभी एक ज़ोरदार धमाके ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया – बॉयलर की ट्यूब अचानक फट गई। गर्म भाप, उड़ता मलबा और चारों तरफ चीख-पुकार। देखते ही देखते तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और आठ अन्य श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए।
धमाका इतना भीषण था कि संभलने का मौका भी नहीं मिला
जानकारी के अनुसार, प्लांट में काम सामान्य रूप से चल रहा था, तभी बॉयलर ट्यूब में अचानक विस्फोट हो गया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मजदूरों को प्रतिक्रिया करने तक का अवसर नहीं मिला। तेज गर्म भाप और मलबे की चपेट में आए तीन श्रमिकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। आशंका यह भी जताई जा रही है कि कुछ मजदूर अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, जिससे मृतकों और घायलों की संख्या और बढ़ सकती है।
गंभीर घायलों को रायगढ़ ले जाया गया, हालत नाजुक
हादसे के फौरन बाद प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। गंभीर रूप से झुलसे आठों मजदूरों को तत्काल रायगढ़ के जिंदल अस्पताल पहुँचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और विशेषज्ञों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी है।
सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं। अभी सबसे पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे संभावित श्रमिकों को सुरक्षित निकालना और घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराना है।
नेता प्रतिपक्ष महंत बोले – “मजदूरों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
इस दर्दनाक घटना पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्य में कोई कोताही न बरती जाए और सभी घायलों को तत्काल उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जाए।
डॉ. महंत ने स्पष्ट शब्दों में कहा – “श्रमिकों की जान और सुरक्षा के साथ लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घायलों के समुचित इलाज और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है।”
सवाल जो उठने चाहिए
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है – यह उस व्यवस्था पर करारा सवाल है जो मुनाफे की दौड़ में मजदूरों की सुरक्षा को हाशिये पर धकेल देती है। बॉयलर ट्यूब का अचानक फटना और मजदूरों का बेबस होकर जान गँवाना यह दर्शाता है कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन कितनी गंभीरता से हो रहा है।
“अब जरूरी है कि घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जाँच हो, दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले – सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर।”





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