कोरबा (पब्लिक फोरम)। बदलते मौसम के साथ ही सेहत का ख्याल रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। इस बदलते दौर में आम जनता को बेहतर और समय पर इलाज मिलना बेहद जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कोरबा जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आम नागरिकों की सहूलियत के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के हर नागरिक को बिना किसी परेशानी के उत्तम इलाज मिल सके। इसके लिए ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में इन दिनों स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से जारी हैं ताकि आम जनता को इलाज के लिए भटकना न पड़े। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सभी प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में रोजाना ओपीडी और आईपीडी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। इस व्यवस्था के तहत विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं नवजात शिशुओं बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत किए जाने वाले जरूरी टीकाकरण मातृ शिशु स्वास्थ्य की देखभाल और गंभीर बीमारियों की जांच तथा इलाज का काम भी बिना किसी रुकावट के लगातार किया जा रहा है।
अक्सर देखा जाता है कि मानसून की दस्तक और बदलते मौसम के कारण मौसमी बीमारी उल्टी दस्त और सर्पदंश जैसी आपातकालीन घटनाएं अचानक बढ़ जाती हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही कमर कस ली है। जिले के सभी अस्पतालों में इन बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी दवाइयों का स्टॉक जमा कर लिया गया है। सांप काटने के इलाज के लिए बेहद जरूरी एंटी स्नेक वेनम भी अब सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। राहत की बात यह है कि अस्पतालों में किसी भी तरह की दवाई की कोई कमी नहीं है और मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार सभी दवाइयां पूरी तरह मुफ्त दी जा रही हैं।
आम जनता को लगातार और बिना किसी बाधा के बेहतर इलाज मिलता रहे इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित निगरानी और समीक्षा भी की जा रही है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है ताकि जमीनी स्तर पर मरीजों को कोई असुविधा न हो। प्रशासन ने आम जनता से यह अपील भी की है कि वे किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर झाड़ फूंक या घरेलू नुस्खों के चक्कर में पड़कर समय बर्बाद न करें। तबीयत बिगड़ने पर तुरंत अपने सबसे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाएं और वहां उपलब्ध मुफ्त तथा सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ उठाएं। समय पर लिया गया सही फैसला ही आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रख सकता है।





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