कार्यों की गुणवत्ता के साथ खर्च की जा रही राशि का आकलन भी जरूरी
कोरबा (पब्लिक फोरम)। कोरबा नगर पालिक निगम क्षेत्र में पिछले कुछ समय से शहर के मुख्य हिस्सों और प्रमुख मार्गों पर हो रहे सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य निश्चित रूप से ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। यदि वर्तमान कार्यों की तुलना पिछली नगर निगम टीम के कार्यकाल से की जाए, तो मौजूदा समय में शहर को व्यवस्थित और बेहतर स्वरूप देने की दिशा में प्रयास अधिक प्रभावी दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि इन कार्यों की गुणवत्ता और उन पर होने वाले खर्च का वास्तविक आकलन भी बेहद आवश्यक है। विकास कार्य तभी वास्तव में सराहनीय माने जाएंगे, जब उनकी गुणवत्ता निर्धारित मानकों पर खरी उतरे और खर्च की गई राशि के अनुपात में उसका परिणाम भी दिखाई दे। यदि ये दोनों कसौटियां पर भी निगम खरा उतरता हैं, तो नगर निगम के इन प्रयासों की खुले मन से सराहना की जानी चाहिए।
सीएसईबी चौक के ट्रैफिक सिग्नल में बनाया गया शेड गर्मी के मौसम में आम नागरिकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। वॉल पेंटिंग की गुणवक्ता और क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी शहर को नया स्वरूप दे रहा है इसकी गुणवक्ता भी पिछले टीम से बेहतर है। खासकर बुधवारी क्षेत्र में किए गए कार्यों को देखकर यह कहा जा सकता है कि सार्वजनिक स्थानों को आकर्षक बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल जारी है।

मुख्य मार्गों के किनारे किया जा रहा वृक्षारोपण एवं हरियाली विकसित करने का प्रयास भी शहर की खूबसूरती बढ़ाने वाला है। ऐसे छोटे-बड़े प्रयास मिलकर शहर की सार्वजनिक छवि को बेहतर तो बनाते हैं। लेकिन विकास सिर्फ मुख्य मार्गों तक सीमित रहेगा तो इसकी सार्थकता बेमानी हो जाती है। शहर के अनेक वार्डों में अभी भी बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं। कई स्थानों पर नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। कुछ वार्डों में तो मुख्य मार्ग के किनारे बनी नालियों से मल और गंदा पानी प्रवाहित हो रहा है। कुछ वार्डों में कचरे और गंदगी की समस्या भी गंभीर है।
ऐसे में सवाल यह है कि शहर की खूबसूरती केवल मुख्य मार्गों तक क्यों सीमित रहे?

नगर निगम की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी, जब शहर के मुख्य मार्गों, चौक चौराहों, बुधवारी चौक की तरह शहर के दूरस्थ वार्ड का नागरिक भी अपने आसपास बदलाव महसूस करे।
नगर निगम चाहे तो आगे बढ़कर हर वार्ड के लिए एक विशिष्ट थीम और पहचान विकसित कर सकता है।
वार्ड के इतिहास, वहां के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश, प्रमुख व्यक्तित्वों और स्थानीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वार्ड को एक विशिष्ट नाम अथवा थीम दी जा सकती है। इसके बाद उसी थीम के अनुरूप वार्ड के प्रवेश द्वार और प्रवेश क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जा सकता है।
पब्लिक फोरम का मानना है कि वार्ड में प्रवेश करते ही वहां की पहचान, इतिहास और संस्कृति को दर्शाता एक आधुनिक प्रवेश द्वार हो। उसके आसपास आकर्षक लैंडस्केपिंग, प्रकाश व्यवस्था, हरियाली, दीवारों पर स्थानीय इतिहास अथवा महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों से जुड़ी कलाकृतियां हों। इससे सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं होगा, बल्कि हर वार्ड की अपनी एक पहचान बनेगी।
जनता भी चाहती है अब निगम की अगली प्राथमिकता वार्ड होने चाहिए कोरबा नगर निगम ने यदि मुख्य मार्गों को बेहतर बनाने की दिशा में पहल शुरू की है, तो यह स्वागत योग्य है। लेकिन इसकी सार्थकता तभी होगी, जब इसका विस्तार हर वार्ड की सड़क, नाली, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, हरियाली और सार्वजनिक सुविधाओं तक हो। महापौर, निगम आयुक्त को चाहिए कि वे इस दिशा में एक ब्लू प्रिंट तैयार कर समस्त वार्डवासियों के समक्ष प्रस्तुत करें। बेशक़ किसी भी शहर का मुख्य मार्ग उसका चेहरा हैं, लेकिन वार्ड शहर की वास्तविक आत्मा हैं। इसलिए निगम को अब ऐसी योजना बनानी चाहिए जिसमें मुख्य मार्गों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ प्रत्येक वार्ड की मूलभूत समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो और प्रत्येक वार्ड को उसकी अपनी विशिष्ट पहचान मिले।
अगर गुणवत्ता और खर्च की कसौटी पर भी ये कार्य खरे उतरते हैं, तो कोरबा नगर निगम की मौजूदा टीम के प्रयासों की सराहना करने में किसी को संकोच नहीं होना चाहिए। इसीलिए पब्लिक फोरम ने इस समाचार में किसी भी वार्ड की बदहाल स्थिति बयां करती तस्वीरों को प्रकाशित नहीं किया है क्योंकि जनता के साथ हमें भी उम्मीद है कि जल्द कोरबा नगर निगम की महापौर, आयुक्त सहित समस्त संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे। कुल मिला कर अब जरूरत सिर्फ इतनी है कि विकास की यह तस्वीर मुख्य मार्गों से निकलकर कोरबा के हर वार्ड तक पहुंचनी चाहिए।





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