कोरबा (पब्लिक फोरम)। जब न्याय खुद चलकर आए – तो यह किसी उत्सव से कम नहीं।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर आज कोरबा की धरती पर उन महिलाओं के बीच होंगी, जो अपनी तकलीफें लेकर अदालतों के चक्कर काटते-काटते थक जाती हैं। “राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार – महिला जनसुनवाई” के तहत आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष, कोरबा में यह ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित हो रहा है।
पहले बैठक, फिर सुनवाई
प्रातः 11.30 बजे श्रीमती रहाटकर जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगी। इस बैठक में महिला सुरक्षा, शिकायत निस्तारण की गति, कानून-व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
इसके बाद दोपहर 1.00 बजे खुली जनसुनवाई शुरू होगी – जहाँ कोई प्रतीक्षा नहीं, कोई बिचौलिया नहीं, कोई औपचारिकता नहीं। महिलाएँ सीधे आयोग की अध्यक्ष के सामने अपनी बात रख सकेंगी।
हर दर्द की होगी सुनवाई
घरेलू हिंसा, कार्यस्थल उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, साइबर अपराध, संपत्ति विवाद, पारिवारिक कलह या कोई भी सामाजिक अन्याय – आयोग ने स्पष्ट कहा है कि कोई भी महिला बिना संकोच, वॉक-इन शिकायतकर्ता के रूप में उपस्थित हो सकती है। न अपॉइंटमेंट की जरूरत, न किसी सिफारिश की।
राष्ट्रीय महिला आयोग का उद्देश्य स्पष्ट है – महिलाओं को न्याय दिलाना, उनकी आवाज़ को वह मंच देना जहाँ से वह गूँजे, और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना।
कोरबा और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं से आग्रह किया गया है कि वे आज अधिक से अधिक संख्या में कलेक्टोरेट सभाकक्ष पहुँचें और इस अवसर का पूरा लाभ उठाएँ।
क्योंकि यह जनसुनवाई सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं – यह हर उस महिला के लिए एक खुला दरवाज़ा है, जो बहुत देर से दस्तक देने का साहस जुटा रही थी।





Recent Comments