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सीएम हेल्पलाइन 1076 शुरू: कोरबा में पहले दिन 32 आवेदन दर्ज

रायपुर/कोरबा (पब्लिक फोरम)। प्रदेश में जनसमस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निराकरण की दिशा में एक नई पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ का शुभारंभ किया। इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिक अब अपनी शिकायतें, सुझाव और मांगें सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। हेल्पलाइन के शुरू होते ही कोरबा जिले में पहले दिन 32 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पेयजल, सड़क, भूमि और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं।

जनसमस्याओं के समाधान के लिए नई व्यवस्था

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ की शुरुआत की। राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य नागरिकों और शासन के बीच संवाद को अधिक सरल, प्रभावी और जवाबदेह बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत प्रदेशवासी टोल-फ्री नंबर 1076, मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायतें एवं सुझाव दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिससे उसकी निगरानी और प्रगति की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।

शिकायतों की ट्रैकिंग और पुनः समीक्षा का प्रावधान

हेल्पलाइन प्रणाली में शिकायतों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया गया है। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता है, तो मामले की पुनः समीक्षा कराने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
सरकार का मानना है कि इससे शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों का विश्वास मजबूत होगा। इसके अलावा विकास और जनहित से जुड़े सुझाव भी सीधे सरकार तक पहुंचाए जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया सुशासन का महत्वपूर्ण माध्यम

शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उनके अनुसार, ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ शासन और नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ जनसेवा को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कोरबा में पहले दिन 32 आवेदन प्राप्त

हेल्पलाइन शुरू होने के साथ ही कोरबा जिले में नागरिकों ने अपनी समस्याएं दर्ज करानी शुरू कर दीं। जिला प्रशासन के अनुसार पहले दिन कुल 32 आवेदन प्राप्त हुए।
इन आवेदनों में पेयजल आपूर्ति, नाली निर्माण, भूमि संबंधी प्रकरण, सड़क मरम्मत, विद्युत व्यवस्था और विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी शिकायतें एवं मांगें शामिल हैं। प्रशासन ने कहा है कि सभी आवेदनों का निर्धारित प्रक्रिया और नियमावली के अनुसार परीक्षण किया जाएगा तथा समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि शिकायतों के केंद्रीकृत पंजीकरण और डिजिटल ट्रैकिंग की व्यवस्था प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत कर सकती है। इससे नागरिकों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी और शिकायतों की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।
हालांकि इस व्यवस्था की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शिकायतों का समाधान कितनी गंभीरता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ किया जाता है।

‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ केवल एक शिकायत दर्ज करने की सुविधा नहीं, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच संवाद को संस्थागत रूप देने का प्रयास है। यदि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया प्रभावी और पारदर्शी बनी रहती है, तो यह पहल सुशासन को मजबूत करने और जनता के भरोसे को बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो सकती है

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