नई दिल्ली (पब्लिक फोरम)। भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद स्वर्गीय चन्द्रशेखर दुबे “ददई दुबे” की प्रथम पुण्यतिथि 10 जुलाई 2026 को देशभर में मनाई जाएगी। इंटक के राष्ट्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली के निर्देश पर सभी प्रदेश, जिला एवं संबद्ध ट्रेड यूनियन कार्यालयों में श्रद्धांजलि एवं शोक सभाओं का आयोजन किया जाएगा। मजदूरों के इस वयोवृद्ध नेता को याद करते हुए देशभर के कार्यकर्ता दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
इंटक के राष्ट्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली द्वारा जारी निर्देश के अनुसार 10 जुलाई 2026 को ददई दुबे की प्रथम पुण्यतिथि पर देशभर में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी। संगठन ने सभी प्रदेश इकाइयों, जिला इकाइयों और संबद्ध ट्रेड यूनियनों से अपने-अपने कार्यालयों एवं कार्यस्थलों पर शोक सभा आयोजित करने का आह्वान किया है। इन सभाओं में दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा जाएगा।

इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह झारखंड प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू (पूर्व सांसद) और राष्ट्रीय महामंत्री एन. जी. अरुण ने संयुक्त रूप से इस पहल का आह्वान किया है। संगठन ने सभी मजदूर संगठनों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा श्रमिक भाइयों-बहनों से अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धांजलि सभाओं में शामिल होने की अपील की है।
कौन थे ददई दुबे
चन्द्रशेखर दुबे, जिन्हें श्रमिक आंदोलन में “ददई दुबे” के नाम से जाना जाता था, पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और इंटक के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। इंटक के बयान के अनुसार उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मजदूरों, गरीबों, वंचितों और असहाय वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। संगठन का कहना है कि उनके निधन से देश के श्रमिक आंदोलन को अपूरणीय क्षति पहुंची है।
श्रमिक आंदोलन के लिए महत्व
ददई दुबे जैसे नेताओं की स्मृति में आयोजित होने वाली ये श्रद्धांजलि सभाएं केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि श्रमिक आंदोलन की उस विरासत को याद करने का अवसर हैं जिसने दशकों तक मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। देशभर में एक साथ आयोजित होने वाली ये सभाएं इंटक जैसे बड़े श्रमिक संगठन की संगठनात्मक पहुंच और एकजुटता को भी दर्शाती हैं।






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