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बालको जन अधिकार समिति की पहली बैठक, रोजगार और जन समस्याओं पर बनी रणनीति

कोरबा (पब्लिक फोरम)। बालकोनगर में नवगठित बालको जन अधिकार समिति की पहली बैठक में क्षेत्र की विभिन्न जन समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में रोजगार, व्यापार, ठेकेदारी, सड़क, यातायात और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही समिति ने वेदांता-बालको से दिव्यांग नागरिकों को उनकी क्षमता के अनुरूप सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने की भी मांग की।

बालको क्षेत्र की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा
बालकोनगर में आयोजित बालको जन अधिकार समिति की बैठक में मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष ऋषिकर भारती सहित विभिन्न सामाजिक और जनप्रतिनिधि संगठनों के सदस्य शामिल हुए। बैठक में लालिमा जायसवाल, विजय जायसवाल, बैला समूह की अध्यक्ष कलिंद्री परिहार, धनेश्वरी कुर्रे, समिति के अध्यक्ष राजकुमार यादव, शांति नगर संगठन समिति से शोरा बगड़वाल, समाजसेवी एवं अधिवक्ता द्वय अब्दुल नफीस खान एवं पी. योगेश कुमार, समाजसेवी मोहम्मद वसीम, सुनील सुना तथा बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बैठक में बालको क्षेत्र से जुड़े रोजगार, स्थानीय व्यापार, ठेकेदारी व्यवस्था, सड़क निर्माण, यातायात और अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने इन विषयों पर स्थानीय लोगों की समस्याओं को सामने रखते हुए समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रबंधन की नीतियों पर जताई आपत्ति
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने आरोप लगाया कि बालको प्रबंधन की कुछ नीतियां स्थानीय हितों के अनुरूप नहीं हैं। समिति ने कहा कि क्षेत्रवासियों के अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर वह संगठित रूप से कार्य करेगी।

समिति के सदस्यों ने यह भी कहा कि वे प्रबंधन से संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान की अपेक्षा रखते हैं। उनका कहना था कि यदि जन मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो समिति लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी बात विभिन्न मंचों पर उठाएगी।

दिव्यांग नागरिकों के रोजगार का मुद्दा भी उठा
बैठक के दौरान दिव्यांग नागरिकों के रोजगार का विषय भी प्रमुखता से सामने आया। समिति का कहना था कि कोरबा जिले में अनेक दिव्यांग युवक-युवतियां कंप्यूटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में दक्ष हैं और अपनी योग्यता के अनुरूप कार्य करने में सक्षम हैं। उनके अनुसार, ऐसे लोगों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया जाना सामाजिक समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

समिति ने कहा कि जिस प्रकार बालको कंपनी द्वारा किन्नर समुदाय के कुछ सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराने की पहल की गई है, उसी प्रकार दिव्यांग नागरिकों को भी उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर दिए जाने चाहिए।

सीएसआर के तहत रोजगार देने की मांग
समिति ने वेदांता से मांग की कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत दिव्यांग नागरिकों के लिए स्थायी और सम्मानजनक रोजगार की व्यवस्था की जाए। समिति का मत है कि इससे दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज में समान अवसर और सम्मान के साथ जीवन जी सकेंगे।

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