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वैशाख पूर्णिमा पर माँ सर्वमंगला घाट में गूंजी भव्य हसदेव आरती, नदी संरक्षण का लिया सामूहिक संकल्प

कोरबा (पब्लिक फोरम)| वैशाख पूर्णिमा का पावन पर्व इस बार श्रद्धा और जागरूकता के अनोखे संगम के रूप में सामने आया। माँ सर्वमंगला मंदिर घाट पर आयोजित भव्य हसदेव आरती ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊंचाई दी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश भी दिया। शुक्रवार 1 मई की शाम को आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ शामिल हुए और पूरे घाट का वातावरण भक्ति से सराबोर हो गया।

नमामि हसदेव सेवा समिति के तत्वावधान में शाम 6 बजे शुरू हुए इस आयोजन में दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रों की गूंज और सामूहिक आरती ने माहौल को अत्यंत दिव्य बना दिया। उपस्थित लोगों ने पूरी श्रद्धा के साथ हसदेव नदी की आरती की और उसकी स्वच्छता व संरक्षण के लिए संकल्प लिया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हसदेव नदी और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता को बढ़ावा देना था। समिति द्वारा लंबे समय से नदी के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और घाटों के सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को इस कार्यक्रम से नई ऊर्जा मिली।

कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में गायत्री शक्तिपीठ कोरबा के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी कमलेश मिश्रा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हसदेव नदी केवल एक जल स्रोत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है। इसे स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने नमामि हसदेव सेवा समिति के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।

विशिष्ट अतिथियों में बाल्को सेवानिवृत्त मैत्री संघ के संयोजक जय कृष्ण तिवारी, विश्व हिन्दू परिषद कोरबा के जिला मंत्री चेतन कुमार राठौर और संघ के अध्यक्ष अजय दास वैष्णव भी शामिल रहे। सभी ने इस आयोजन को धार्मिक आस्था, सामाजिक भागीदारी और पर्यावरण चेतना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

आरती के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक स्वर में हसदेव नदी की स्वच्छता बनाए रखने और प्राकृतिक संतुलन को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि हसदेव नदी कोरबा जिले की जीवनरेखा है और इसकी रक्षा के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकजुटता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ। नमामि हसदेव सेवा समिति ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस जनजागरूकता अभियान को लगातार जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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