होमआसपास-प्रदेशसीपीआई ने उठाए अटल प्रतिमा निर्माण और मानस नगर जलभराव के मुद्दे

सीपीआई ने उठाए अटल प्रतिमा निर्माण और मानस नगर जलभराव के मुद्दे

कोरबा (पब्लिक फोरम)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की कोरबा जिला इकाई ने कटघोरा में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण में कथित अनियमितताओं तथा कोरबा के मानस नगर में वर्षों से बनी जलभराव की समस्या को गंभीर प्रशासनिक मुद्दा बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि दोनों मामलों में केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि जवाबदेही तय कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के जिला सचिव पवन कुमार वर्मा ने सोमवार को जारी एक प्रेस बयान में कटघोरा में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के निर्माण में कथित अनियमितताओं और कोरबा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 19 स्थित मानस नगर में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या पर चिंता व्यक्त की।

प्रेस बयान में पवन कुमार वर्मा ने दावा किया कि कटघोरा में कांस्य प्रतिमा के स्थान पर सीमेंट की प्रतिमा स्थापित कर उस पर रंग किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक सब-इंजीनियर का निलंबन किया गया है, लेकिन इससे पूरी जिम्मेदारी तय नहीं होती।

सीपीआई ने मांग की है कि केवल एक मामले तक जांच सीमित रखने के बजाय छत्तीसगढ़ में स्थापित सभी अटल प्रतिमाओं की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। पार्टी का कहना है कि यदि कहीं भी निर्माण में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

तीन वर्षों से जलभराव से जूझ रहा मानस नगर
सीपीआई ने वार्ड क्रमांक 19 के मानस नगर की समस्या को भी गंभीर बताया। पार्टी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से बारिश के दौरान दर्जनों घरों में पानी भर जाता है। आरोप है कि मुख्य मार्ग पर पुलिया निर्माण के बाद जल निकासी बाधित होने से स्थिति और अधिक खराब हो गई है।

बयान के अनुसार, पानी टंकी के समीप स्थित इस बस्ती में लोग लगभग दो दशक से रह रहे हैं। लगातार जलभराव के कारण कई परिवारों का घरेलू सामान, अनाज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्नीचर क्षतिग्रस्त हो चुका है। कुछ परिवारों को अपने घर छोड़कर किराये के मकानों में रहने के लिए भी मजबूर होना पड़ा है।

शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं मिलने का आरोप
सीपीआई का कहना है कि स्थानीय निवासियों ने पिछले दो वर्षों के दौरान विधायक, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, सुशासन तिहार तथा मुख्यमंत्री के टोल-फ्री नंबर 1076 पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। पार्टी के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को उसने भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

सीपीआई ने रखीं चार प्रमुख मांगें
पार्टी ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं-

– वार्ड क्रमांक 19, मानस नगर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए।

– जलभराव से प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा और क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए।

– पुलिया निर्माण और जलभराव के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों एवं अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

– छत्तीसगढ़ में स्थापित सभी अटल प्रतिमाओं की गुणवत्ता और निर्माण कार्य की स्वतंत्र जांच कराई जाए।

सीपीआई ने यह भी कहा है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती तो पार्टी प्रभावित नागरिकों के साथ आंदोलन शुरू करेगी।

फिलहाल इन आरोपों और मांगों पर जिला प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन संभव होगा।

कटघोरा की प्रतिमा निर्माण से जुड़े विवाद और मानस नगर की जलभराव समस्या अलग-अलग विषय अवश्य हैं, लेकिन दोनों मामलों में सार्वजनिक धन, निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक जवाबदेही के प्रश्न समान रूप से जुड़े हुए हैं। यदि इन मुद्दों की निष्पक्ष जांच होती है और समयबद्ध समाधान निकलता है, तो इससे न केवल प्रभावित नागरिकों का विश्वास मजबूत होगा बल्कि सार्वजनिक परियोजनाओं में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व भी बढ़ेगा।

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