कोरबा (पब्लिक फोरम)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चना वितरण नहीं होने और राशन दुकानों के संचालन में आ रही समस्याओं को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की जिला परिषद ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने दावा किया है कि अगस्त से नवंबर 2025 के बीच चार महीने चना नहीं मिला और जुलाई 2026 से इसका वितरण बंद है। ज्ञापन में बकाया चना उपलब्ध कराने के साथ राशन वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग की गई है।
भाकपा जिला परिषद कोरबा का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को जिला सचिव पवन कुमार वर्मा के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चना वितरण और राशन दुकानों के संचालन से जुड़ी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया।
ज्ञापन में पार्टी ने हितग्राहियों से मिली जानकारी के आधार पर कहा है कि अगस्त 2025 से नवंबर 2025 तक चार महीने चना वितरित नहीं किया गया। पार्टी के अनुसार जुलाई 2026 से चना वितरण फिर बंद है।
ई-पॉश मशीन और दुकानों के संचालन पर भी सवाल
भाकपा ने उचित मूल्य की दुकानों में ई-पॉश मशीन का सर्वर डाउन रहने, समय पर राशन नहीं मिलने और दुकानों के नियमित रूप से नहीं खुलने की शिकायत भी की है।
पार्टी का कहना है कि इन समस्याओं के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूरों को राशन लेने में परेशानी होती है। ज्ञापन में ई-पॉश मशीन से जुड़ी तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान करने और राशन का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
जांच और कार्रवाई की मांग
भाकपा ने मामले की जांच के लिए 15 दिनों के भीतर समिति गठित करने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि यदि जांच में राशन की कालाबाजारी या किसी अधिकारी अथवा विक्रेता की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पांच सूत्रीय मांगें
ज्ञापन में भाकपा ने निम्न मांगें रखी हैं-
1. बकाया चार महीने का और जुलाई 2026 से वितरित नहीं हुआ चना हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जाए।
2. उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त खाद्यान्न का भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
3. ई-पॉश मशीन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
4. राशन दुकानों में छायादार प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था और पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
5. जांच में अनियमितता या लापरवाही प्रमाणित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के वरिष्ठ नेता एन.के. दास, श्याम बिहारी बनाफर, रामू केंवट और नरेंद्र कुमार भी शामिल थे।
चना वितरण में कथित रुकावट और राशन दुकानों से जुड़ी शिकायतों की वास्तविक स्थिति सरकारी वितरण रिकॉर्ड और प्रशासनिक जांच से स्पष्ट होगी। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो प्रभावित हितग्राहियों को बकाया खाद्यान्न उपलब्ध कराने के साथ वितरण व्यवस्था में सुधार जरूरी होगा। फिलहाल भाकपा ने ज्ञापन के माध्यम से मामले की जांच और समयबद्ध कार्रवाई की मांग प्रशासन के सामने रखी है।







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