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गुरूवार, जनवरी 22, 2026
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विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025: 125 दिन का रोजगार, समयबद्ध भुगतान और पारदर्शिता से गांवों में आएगी विकास की क्रांति – धरमलाल कौशिक

कोरबा (पब्लिक फोरम)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया “विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025” ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक पहल है। यह अधिनियम गांवों में रोजगार, आय, पारदर्शिता और अधोसंरचना के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। यह बात विधायक बिल्हा विधानसभा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रेस क्लब, तिलक भवन टीपी नगर में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही।

प्रेस वार्ता में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, प्रदेश मंत्री सुश्री रितु चौरसिया, सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

श्री कौशिक ने कहा कि यह अधिनियम किसानों, मजदूरों और गरीब वर्ग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने स्मरण कराया कि वर्ष 2014 में अपने पहले संसदीय भाषण में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार को “गरीबों को समर्पित” बताया था, और उसी सोच के अनुरूप बिजली, शौचालय, आवास, जनधन खाते जैसी ऐतिहासिक योजनाएँ देशभर में लागू की गईं।

उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम मनरेगा का अधिक उन्नत, प्रभावी और पारदर्शी स्वरूप है। जहां मनरेगा में 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित था, वहीं अब इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी, जिससे ग्रामीण मजदूरों की आय में प्रत्यक्ष वृद्धि होगी।

श्री कौशिक ने स्पष्ट किया कि मजदूरी भुगतान को लेकर भी अधिनियम में सख्त प्रावधान किए गए हैं। मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर अनिवार्य होगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूर को अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जो मजदूरी पर ब्याज के समान होगी। इससे वर्षों से चली आ रही भुगतान में देरी की समस्या समाप्त होगी और श्रमिकों को वास्तविक न्याय मिलेगा।

कृषि हितों की रक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य स्थगन का प्रावधान रहेगा, ताकि किसानों को पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध हों और खेती पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इससे ग्रामीण पलायन रुकेगा और कृषि उत्पादन में स्थिरता आएगी।

धरमलाल कौशिक ने कहा कि मनरेगा में पहले सामने आने वाली फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार जैसी शिकायतों का यह अधिनियम स्वतः समाधान करेगा। तकनीक आधारित निगरानी और स्पष्ट नियमों से पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभ सीधे वास्तविक मजदूरों तक पहुंचेगा।

उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों—जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन पर विशेष फोकस किया जाएगा। जल संरक्षण, नदी-नालों का पुनर्जीवन, कटाव रोकने के उपाय, सिंचाई संरचनाओं का विकास और ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे।

प्रेस वार्ता में अशोक चावलानी, चुलेश्वर राठौर, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, रूक्मणी नायर, संवाद प्रमुख अर्जुन गुप्ता, सह संवाद प्रमुख शैलेंद्र यादव, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार, नरेन्द्र पाटनवार, राकेश नागरमल अग्रवाल, मनोज मिश्रा सहित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया के पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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