नई दिल्ली (पब्लिक फोरम)। वरिष्ठ पत्रकार और संपादक राजेन्द्र शर्मा को वर्ष 2026 के ‘लोकजतन सम्मान’ के लिए चुना गया है। यह सम्मान 24 जुलाई को भोपाल में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। लोकजतन द्वारा दिया जाने वाला यह सम्मान उन पत्रकारों को समर्पित है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी तथ्यपरक, निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता की परंपरा को आगे बढ़ाया है।
लोकजतन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली निवासी वरिष्ठ संपादक राजेन्द्र शर्मा को इस वर्ष के लोकजतन सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। लगभग पाँच दशकों से सक्रिय राजेन्द्र शर्मा ने 1979 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से शिक्षा पूरी करने के बाद स्वयं को परिवर्तनकामी और प्रतिबद्ध पत्रकारिता के लिए समर्पित किया।
उन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत ‘लोकलहर’ से की। संस्थापक संपादक हरकिशन सिंह सुरजीत और बाद में सीताराम येचुरी के नेतृत्व के बाद वर्तमान में वे लोकलहर के संपादक हैं। इसके अलावा वे सहमत, मुक्तनाद सहित अनेक संस्थानों के महत्वपूर्ण प्रकाशनों का संपादन भी कर चुके हैं।
लेखन और संपादन में उल्लेखनीय योगदान
राजेन्द्र शर्मा के संपादन में 30 से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है। उनके लेख-संग्रह ‘बहस अनंता’, ‘भूलने के विरुद्ध’ और ‘असत्य के प्रयोग’ प्रकाशित हो चुके हैं, जबकि ‘संस्कृति क्षेत्रे रणक्षेत्रे’ प्रकाशनाधीन है।
वे देशबंधु, राष्ट्रीय सहारा, जनवाणी, न्यूज़क्लिक सहित अनेक समाचार माध्यमों में नियमित स्तंभकार रहे हैं। पिछले कुछ समय से वे लोकजतन में भी नियमित रूप से लेखन कर रहे हैं। राजनीतिक विषयों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत करने तथा राजनीतिक रिपोर्टिंग में व्यंग्य के प्रभावी प्रयोग के लिए भी उन्हें जाना जाता है।
24 जुलाई को शैलेन्द्र शैली की स्मृति में दिया जाता है सम्मान
लोकजतन सम्मान प्रत्येक वर्ष संस्था के संस्थापक-संपादक शैलेन्द्र शैली की जयंती, 24 जुलाई, पर प्रदान किया जाता है। शैलेन्द्र शैली का जन्म 24 जुलाई 1957 को हुआ था और उनका निधन 7 अगस्त 2001 को हुआ।
इस सम्मान का उद्देश्य ऐसे पत्रकारों का अभिनंदन करना है, जो पत्रकारिता के चुनौतीपूर्ण दौर में भी निर्भीकता के साथ सच लिखने और बोलने की प्रतिबद्धता बनाए रखते हैं।
इस सम्मान से पूर्व डॉ. राम विद्रोही (ग्वालियर), कमल शुक्ला (बस्तर-रायपुर), लज्जा शंकर हरदेनिया (भोपाल), अनुराग द्वारी (भोपाल), राकेश अचल (ग्वालियर), पलाश सुरजन (भोपाल) तथा शहीद पत्रकार मुकेश चंद्राकर (बस्तर) सहित कई वरिष्ठ और प्रतिष्ठित पत्रकार सम्मानित किए जा चुके हैं।
ऐसे समय में जब पत्रकारिता की स्वतंत्रता, विश्वसनीयता और जनसरोकारों पर लगातार बहस हो रही है, लोकजतन सम्मान जैसे प्रयास उन पत्रकारों के योगदान को रेखांकित करते हैं, जिन्होंने लंबे समय तक तथ्य, विवेक और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनी पत्रकारिता का आधार बनाया। राजेन्द्र शर्मा का चयन भी इसी परंपरा की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।





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