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कलम के सिपाही को श्रद्धांजलि: स्व. रामकुमार टमकोरिया की याद में कोरबा प्रेस क्लब में ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन; सांसद ज्योत्सना महंत ने दिए 7 लाख रुपए

कोरबा (पब्लिक फोरम)। जिन हाथों ने कलम से समाज को आईना दिखाया, आज उन्हीं हाथों की स्मृति में ज्ञान का एक नया दीप जलाया गया। वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय रामकुमार टमकोरिया की पुण्य स्मृति में कोरबा प्रेस क्लब, तिलक भवन में सोमवार को पुस्तकालय के उन्नयन और ई-लाइब्रेरी का भव्य लोकार्पण किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, महापौर संजूदेवी राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। साथ ही अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन भी हुआ।

कलम के सच्चे सिपाही को जीवंत श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सांसद ज्योत्सना महंत ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय रामकुमार टमकोरिया महज एक पत्रकार नहीं थे – वे कलम के सच्चे सिपाही थे, जो निर्भीकता से समाज को उसका असली चेहरा दिखाते थे। उन्होंने कहा कि कोरबा प्रेस क्लब ने उनकी स्मृति को जिस तरह जीवंत रखा है, वह वाकई सराहनीय है।
सांसद श्रीमती महंत ने कहा, “यह लाइब्रेरी और पुस्तकालय भवन अब सिर्फ किताबों की जगह नहीं, बल्कि ज्ञान का एक जीवंत केंद्र बन चुका है।”
अपनी घोषणा में उन्होंने कोरबा प्रेस क्लब को अन्य विकास कार्यों के लिए “7 लाख रुपए” देने का ऐलान किया।

युवाओं के सपनों को मिलेगा नया आसरा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महापौर संजूदेवी राजपूत ने ई-लाइब्रेरी को शहर के युवाओं के लिए एक जरूरी और दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल पुस्तकालय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को बड़ा फायदा मिलेगा और उनकी मेहनत को सही दिशा मिलेगी।
महापौर ने भी प्रेस क्लब के लिए “5 लाख रुपए” देने की घोषणा की। इसके अलावा पार्षद पंकज देवांगन ने “1 लाख रुपए” देने का ऐलान किया।

कार्यक्रम में निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वार्ड पार्षद व एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन, पार्षद पंकज देवांगन, सूरज महंत, उषा तिवारी और कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का साल-श्रीफल से सम्मान किया गया।
स्वर्गीय रामकुमार टमकोरिया के नाम पर स्थापित यह ई-लाइब्रेरी केवल उनके प्रति श्रद्धांजलि नहीं है – यह उस विचारधारा का विस्तार है जो पत्रकारिता को समाज की सेवा मानती है। जब कोई युवा इस पुस्तकालय में बैठकर किताब खोलेगा या स्क्रीन पर ज्ञान की तलाश करेगा, तो शायद वह अनजाने में उस कलम की ताकत को भी महसूस करेगा – जो टमकोरिया जी ने अपनी पूरी जिंदगी थामे रखी।
कोरबा प्रेस क्लब का यह कदम बताता है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखने का काम नहीं, यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सच्चाई की लौ पहुंचाने का जिम्मा भी है।

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