ग्राम कनकी में जनसमस्या निवारण शिविर बना राहत का केंद्र, सैकड़ों ग्रामीणों को मिला योजनाओं का सीधा लाभ
कोरबा (पब्लिक फोरम)। ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार अब लोगों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम कनकी में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं रखीं और विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया।
शिविर में पंचायत, राजस्व, खाद्य और मत्स्य सहित कई विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों को मौके पर लाभ प्रदान किया। लोगों ने अपनी समस्याओं और मांगों से जुड़े आवेदन भी जमा किए, जिनमें से कई का तत्काल निराकरण किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की एक जनहितकारी पहल है, जिसका उद्देश्य गांव, गरीब और किसान तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से साइबर अपराध से सतर्क रहने, पर्यावरण संरक्षण करने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की।
जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अशोक बाई कंवर ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ सरलता से पहुंचे, इसलिए हर क्षेत्र में ऐसे शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा ने इस शिविर को सरकार की जनकेन्द्रित सोच का उदाहरण बताते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर आवेदन पर कार्रवाई होगी और यदि किसी कारण से समाधान नहीं हो पाता है तो उसकी स्पष्ट जानकारी आवेदक को दी जाएगी।
जनपद पंचायत करतला के सीईओ ने बताया कि शिविर में कुल 962 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 182 का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। शेष आवेदनों पर प्रक्रिया जारी है और जल्द समाधान किया जाएगा।
शिविर के दौरान कई हितग्राहियों को लाभ भी वितरित किए गए। तीन किसानों को किसान किताब, एक को आइस बॉक्स और एक को ग्रोथ प्रमोटर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन परिवारों को नए घर की चाबियां सौंपी गईं। मनरेगा के अंतर्गत जॉब कार्ड वितरित किए गए और खाद्य विभाग ने पांच लोगों को राशन कार्ड प्रदान किए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम सलिहाभाठा को टीबी मुक्त घोषित करते हुए प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भी दिया।
इस आयोजन में अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, आईएएस अधिकारी डॉ. तरुण किरण, एसडीएम सरोज महिलांगे सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस शिविर को सफल बनाया।
सुशासन तिहार जैसे प्रयास न केवल सरकारी योजनाओं को जमीन तक पहुंचा रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों के विश्वास को भी मजबूत कर रहे हैं। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम कर विकास को नई गति देने का काम कर रही है।





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