बालको के बदहाल सड़कों पर जुटेंगे अधिवक्ता और नागरिक
कोरबा/बालको नगर (पब्लिक फोरम)। बालको नगर और परसाभाठा क्षेत्र की जर्जर सड़कों तथा खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या को लेकर जिला अधिवक्ता संघ, कोरबा ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को धरना-प्रदर्शन आयोजित किया है। दोपहर 1 बजे चंद्रशेखर चौक पर प्रस्तावित इस प्रदर्शन में क्षेत्र के नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होकर सड़क सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की मांग उठाने की अपील की गई है।
जिला अधिवक्ता संघ की ओर से जारी अपील के अनुसार, चंद्रशेखर चौक के आसपास बालको नगर और परसाभाठा क्षेत्र की कई सड़कें लंबे समय से खराब स्थिति में हैं। सड़कों पर गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से आवागमन में परेशानी पैदा कर रहे हैं। वहीं, कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब या बंद होने के कारण रात के समय सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
रोजाना आवागमन करने वाले लोगों के सामने जोखिम
अधिवक्ता संघ का कहना है कि प्रतिदिन 100 से अधिक अधिवक्ता बालको क्षेत्र से कोरबा आना-जाना करते हैं। इनके अलावा स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, आम नागरिक और औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी भी इन मार्गों का इस्तेमाल करते हैं।
खराब सड़क और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने का असर सबसे अधिक उन लोगों पर पड़ता है, जिन्हें सुबह जल्दी या देर शाम आवागमन करना पड़ता है। गड्ढों से भरी सड़क पर अंधेरे में वाहन चलाना दुर्घटना की आशंका बढ़ा सकता है। ऐसे में सड़क की मरम्मत केवल यातायात सुविधा का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा सवाल है।
इन सड़कों की मरम्मत की मांग
अधिवक्ता संघ ने बालको-परसाभाठा क्षेत्र की प्रमुख सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई है। अपील में विशेष रूप से लालघाट रोड, बालको-परसाभाठा रोड और बजरंग चौक सहित अन्य जर्जर मार्गों की स्थिति सुधारने की मांग की गई है।
संघ की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
🔹जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत।
🔹खराब और बंद स्ट्रीट लाइट को शीघ्र चालू करना।*आवश्यकता वाले स्थानों पर नई स्ट्रीट लाइट लगाना।
🔹सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक संकेतक और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना।
🔹जनहित के इन कार्यों को जिला खनिज न्यास (DMF) निधि से प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर विचार करना।
केवल सड़क नहीं, सुरक्षित आवागमन का सवाल
बालको-परसाभाठा क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों और बड़ी आबादी वाला इलाका है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा, व्यवसाय और अन्य जरूरी कामों के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे क्षेत्र में सड़क और प्रकाश व्यवस्था का दुरुस्त होना नागरिक जीवन की मूलभूत आवश्यकता है।
खराब सड़क की समस्या का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। पैदल चलने वाले लोगों, साइकिल चालकों, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए भी सड़क की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर सड़क के गड्ढे और अवरोध दिखाई नहीं देने से जोखिम और बढ़ सकता है।
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित में सहयोग की अपील
जिला अधिवक्ता संघ ने क्षेत्र के सभी सम्माननीय नागरिकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। संघ का कहना है कि नागरिकों की सामूहिक आवाज प्रशासन और संबंधित संस्थाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकती है।
प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन और बालको प्रबंधन का ध्यान भी क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। खास तौर पर DMF निधि के उपयोग को लेकर यह मांग सामने आई है कि क्षेत्र की आवश्यक जनसुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
शुक्रवार को होने वाले धरना-प्रदर्शन के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रशासनिक विभाग और बालको प्रबंधन सड़क एवं स्ट्रीट लाइट की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं। नागरिकों की मांग केवल आश्वासन तक सीमित न रहकर समयबद्ध मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था में बदलती है या नहीं, इसका असर क्षेत्र के रोजमर्रा के जीवन पर सीधे पड़ेगा।
बालको-परसाभाठा के लोगों के लिए बेहतर सड़क और पर्याप्त रोशनी सुविधा से अधिक सुरक्षा का प्रश्न है। धरना-प्रदर्शन के जरिए उठाई जा रही मांगों का वास्तविक महत्व इसी में है कि संबंधित संस्थाएं समस्या का आकलन कर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई करें।





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