पावर प्लांट में हादसे के बाद O&M का नया अनुबंध
रायपुर/सक्ती (पब्लिक फोरम)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघितराई स्थित वेदांता पावर के 1,200 मेगावाट क्षमता वाले सक्ती थर्मल पावर प्लांट के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी अब Power Mech Projects Limited को मिली है। कंपनी को पांच वर्ष के लिए एंड-टू-एंड संचालन एवं रखरखाव का 970 करोड़ रुपए का ठेका दिया गया है। यह अनुबंध ऐसे समय में हुआ है, जब अप्रैल 2026 में इसी संयंत्र में हुए गंभीर औद्योगिक हादसे में कई श्रमिकों की मौत हुई थी।
पांच साल के लिए मिला 970 करोड़ का अनुबंध
Power Mech Projects Limited के स्टॉक एक्सचेंज खुलासे के मुताबिक, कंपनी को सक्ती थर्मल पावर प्लांट के End-to-End Operations & Maintenance (O&M) का ठेका मिला है। अनुबंध की अवधि 60 महीने यानी पांच वर्ष निर्धारित की गई है।
कुल 970 करोड़ रुपए के अनुबंध में 890 करोड़ रुपए की मूल अनुबंध राशि और 80 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सेवाओं का प्रावधान शामिल है। दी गई जानकारी के अनुसार यह राशि जीएसटी को छोड़कर है।
अनुबंध की अवधि Letter of Intent (LOI) या Order Confirmation जारी होने की तारीख से 60 महीने होगी।
1,200 मेगावाट की दो इकाइयों का संचालन
वेदांता के अनुसार सक्ती थर्मल पावर प्लांट की कुल स्थापित क्षमता 1,200 मेगावाट है। यहां 600-600 मेगावाट की दो उत्पादन इकाइयां हैं।
Power Mech की जिम्मेदारी केवल किसी एक हिस्से के रखरखाव तक सीमित नहीं होगी। कंपनी को संयंत्र के समग्र संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालनी होगी। ऐसे में अनुबंध का महत्व संयंत्र के नियमित उत्पादन के साथ-साथ उसके परिचालन प्रबंधन से भी जुड़ा है।
अप्रैल में हुआ था गंभीर औद्योगिक हादसा
सक्ती का यह संयंत्र अप्रैल 2026 में हुए गंभीर औद्योगिक हादसे के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था।
14 अप्रैल 2026 को प्लांट में बॉयलर ट्यूब/बॉयलर सिस्टम से जुड़ा विस्फोट हुआ था। हादसे में कई श्रमिक गंभीर रूप से झुलसे थे। बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 25 बताई गई।
घटना के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए श्रमिकों की मौत और घायल होने के मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी।
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि बिजली संयंत्रों में बॉयलर और उससे जुड़े उपकरण उच्च तापमान और दबाव में काम करते हैं। इसलिए इनके संचालन, निरीक्षण और रखरखाव में तकनीकी मानकों तथा सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।
जांच में तकनीकी और परिचालन पहलुओं पर उठे सवाल
हादसे के बाद सामने आई जांच संबंधी रिपोर्टों में Boiler-1 के संचालन से जुड़ी तकनीकी/परिचालन गड़बड़ी तथा अचानक बढ़े उत्पादन भार को संभावित कारणों में शामिल किए जाने की बात सामने आई।
हालांकि, किसी दुर्घटना के अंतिम कारण और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के आधिकारिक निष्कर्षों पर निर्भर करता है। इसलिए संभावित कारणों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में देखना उचित नहीं होगा। हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच अलग-अलग स्तरों पर हुई है।
नए O&M अनुबंध का सुरक्षा के लिहाज से महत्व
Power Mech को पांच वर्ष के लिए संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब प्लांट की परिचालन सुरक्षा पहले से सार्वजनिक चर्चा का विषय रही है।
इसलिए 970 करोड़ रुपए का यह अनुबंध केवल एक व्यावसायिक समझौता नहीं है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई O&M व्यवस्था के तहत उपकरणों का नियमित निरीक्षण, निवारक रखरखाव, सुरक्षा प्रोटोकॉल, श्रमिकों का प्रशिक्षण और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था किस तरह लागू की जाती है।
विशेषकर अप्रैल की दुर्घटना की पृष्ठभूमि में प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।
वेदांता ने 2022 में किया था अधिग्रहण
सक्ती थर्मल पावर परियोजना का विकास मूल रूप से Athena Chhattisgarh Power Limited के तहत हुआ था। वर्ष 2022 में वेदांता ने इस परियोजना का अधिग्रहण किया था।
इसके बाद यह संयंत्र वेदांता के ऊर्जा कारोबार का हिस्सा बना। अब इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी पांच वर्ष के लिए Power Mech Projects को दिए जाने से संयंत्र के परिचालन ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।
अब आगे क्या महत्वपूर्ण होगा?
आने वाले समय में इस अनुबंध का वास्तविक मूल्यांकन केवल उत्पादन और रखरखाव की दक्षता से नहीं होगा। अप्रैल के हादसे की पृष्ठभूमि को देखते हुए श्रमिक सुरक्षा, तकनीकी निगरानी, उपकरणों का रखरखाव और दुर्घटना की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय भी इसकी सफलता के महत्वपूर्ण पैमाने होंगे।
साथ ही, हादसे की जांच से जुड़े अंतिम और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने पर यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना के लिए कौन-से तकनीकी अथवा प्रबंधन संबंधी कारण जिम्मेदार पाए गए और उनसे भविष्य में क्या सबक लिया गया।
सक्ती थर्मल पावर प्लांट के लिए 970 करोड़ रुपए का पांच वर्षीय O&M अनुबंध एक बड़ा कारोबारी निर्णय है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी परीक्षा सुरक्षित और विश्वसनीय संचालन होगी। बिजली उत्पादन की निरंतरता जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी उन श्रमिकों की सुरक्षा है जो इस उत्पादन व्यवस्था को जमीन पर संचालित करते हैं। अप्रैल की दुर्घटना की स्मृति के बीच नई O&M व्यवस्था से यही अपेक्षा रहेगी कि तकनीकी दक्षता के साथ श्रमिक सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता मिले।






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