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कोरबा में ध्यानचंद चौक से रिसदी चौक तक सड़क निर्माण का कलेक्टर-एसपी ने किया निरीक्षण

दर्रीडैम रूमगरा-परसाभांठा-रिसदी: 5.74 किमी सड़क निर्माण में तेजी के निर्देश

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कोरबा (पब्लिक फोरम)। दर्री डैम ध्यानचंद चौक से रूमगरा होते हुए बालको के बजरंग चौक, परसाभांठा, और नया रिसदा से ग्राम रिसदी चौक तक निर्माणाधीन सड़क का कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने सड़क निर्माण की प्रगति, बारिश से प्रभावित हिस्सों और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने और आम लोगों के लिए बेहतर डायवर्सन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

5.74 किलोमीटर लंबी सड़क का पैदल निरीक्षण
कलेक्टर कुणाल दुदावत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने ध्यानचंद चौक से रूमगरा होते हुए बालको के बजरंग चौक तथा रिसदा चौक से रिसदी चौक तक निर्माणाधीन सड़क का पैदल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सड़क की मौजूदा स्थिति और निर्माण कार्य की प्रगति को मौके पर देखा।
कलेक्टर ने सड़क पर उतरकर निर्माण कार्य का बारीकी से जायजा लिया। हाल में हुई बारिश के कारण सड़क के जिन हिस्सों पर असर पड़ा है, उनका भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार और मरम्मत कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए।

डीएमएफ से करीब 29 करोड़ रुपये की स्वीकृति
ध्यानचंद चौक से बालको के बजरंग चौक तथा रिसदा से रिसदी चौक तक कुल 5.74 किलोमीटर लंबी सड़क को टू-लेन सीसी सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से करीब 29 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

प्रशासन के अनुसार सड़क निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने और निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही निर्माण पूरा होने तक सड़क की स्थिति की नियमित निगरानी करने और जरूरत के अनुसार मरम्मत कराने को कहा।

निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था पर जोर
सड़क निर्माण के कारण आम नागरिकों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए उचित डायवर्सन व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से बजरंग चौक-परसाभांठा क्षेत्र में यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए बेहतर डायवर्सन की व्यवस्था करने को कहा गया।
प्रशासन के निर्देशों का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य के साथ-साथ मौजूदा यातायात व्यवस्था को बनाए रखना है, ताकि निर्माण अवधि में लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।

ढेंगुरनाला-बेलगिरी पुल का भी निरीक्षण
कलेक्टर और एसपी ने निरीक्षण के दौरान ढेंगुरनाला-बेलगिरी पुल का भी जायजा लिया। कलेक्टर ने पुल पर सड़क की स्थिति और आवश्यक मरम्मत कार्यों की समीक्षा की।
सेतु लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को रिसदा-बेलगिरी पुल पर आवागमन सुचारू बनाए रखने तथा पुल के आसपास बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन के मुताबिक ढेंगुरनाला और बेलगिरी पुल के मरम्मत कार्य के लिए कार्यादेश जारी हो चुका है। मरम्मत का काम जल्द शुरू किया जाना प्रस्तावित है।

नागरिक सुविधा और सड़क गुणवत्ता दोनों महत्वपूर्ण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग तथा विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण पूरा होने तक आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।

निर्माणाधीन सड़क पर बारिश के कारण उत्पन्न समस्याओं और गड्ढों की समय पर मरम्मत जरूरी है। वहीं दूसरी ओर, लंबे समय के लिए सड़क को उपयोगी बनाने के लिए निर्माण की गुणवत्ता पर निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद ध्यानचंद चौक, रूमगरा, बजरंग चौक, रिसदा और रिसदी क्षेत्र के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि निर्माण अवधि में यातायात प्रबंधन और समयबद्ध कार्य पूरा करना प्रशासन के सामने प्रमुख चुनौती रहेगी।

निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता जी.आर. जांगड़े, परिवहन अधिकारी अतुल कुमार असैय्या, एसडीओ राकेश द्विवेदी सहित नगर निगम, सेतु लोक निर्माण विभाग और बालको के अधिकारी मौजूद रहे।

ध्यानचंद चौक से रिसदी चौक तक प्रस्तावित सड़क केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और दैनिक आवागमन से जुड़ा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा है। करीब 29 करोड़ रुपये की इस परियोजना में समयबद्ध निर्माण, गुणवत्ता और निर्माण के दौरान सुरक्षित यातायात—तीनों पहलुओं पर समान ध्यान देना जरूरी होगा। सड़क बनने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण अवधि में आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।

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