होमआसपास-प्रदेशकोरबा में नकली पनीर पर शिकंजा: खाद्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, डेयरियों...

कोरबा में नकली पनीर पर शिकंजा: खाद्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, डेयरियों और प्रतिष्ठानों की सघन जांच

कोरबा (पब्लिक फोरम)| छत्तीसगढ़ शासन और खाद्य आयुक्त दीपक अग्रवाल के कड़े निर्देशों के बाद अब कोरबा जिले में भी नकली पनीर (एनालॉग पनीर) के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। प्रदेशभर में इस तरह के मिलावटी और सेहत के लिए खतरनाक उत्पादों के क्रय-विक्रय, संग्रहण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कोरबा के खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर में डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों की ताबड़तोड़ जांच शुरू कर दी है। आम जनता की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए विभाग का यह कदम बेहद सराहनीय और समय पर उठाया गया है।

रविवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकास भगत और संघर्ष मिश्रा के नेतृत्व में विभाग की विशेष टीम ने शहर के प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों और डेयरियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वंदना सेल्स, वचन मिल्क पार्लर, अलंकार डेयरी, गणेश डेयरी, प्रभात डेयरी, रवि डेयरी, संतोष डेयरी और सर्वमंगला डेयरी समेत कई अन्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पनीर की गुणवत्ता, उसकी वैधता और भंडारण के तौर-तरीकों को बारीकी से परखा। राहत की बात यह रही कि शुरुआती जांच में इनमें से किसी भी प्रतिष्ठान में एनालॉग यानी नकली पनीर का भंडारण या उपयोग होता हुआ नहीं पाया गया। इसके बावजूद विभाग ने सभी कारोबारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करें।

यह अभियान सिर्फ डेयरियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विभाग ने शादियों, पार्टियों और बड़े भोज-समारोहों का जिम्मा संभालने वाले हलवाइयों और कैटरर्स पर भी पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि कोई भी व्यक्ति बिना वैध खाद्य लाइसेंस के किसी तरह का खाद्य व्यवसाय संचालित न करे। इसके अलावा, सामूहिक भोज या आयोजनों में किसी भी स्थिति में नकली पनीर का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकास भगत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार कोरबा जिले में यह अभियान लगातार जारी रहेगा। हर नागरिक तक शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को अपने आसपास नकली या संदिग्ध पनीर के बेचे जाने की कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी सूचना दें ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके। आपकी सतर्कता ही आपके परिवार और समाज को बीमारियों से बचा सकती है।

नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों के इस दौर में आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से मिलावटखोरों पर लगाम लगेगी? अपने विचार और सुझाव हमें ईमेल 750publicforum@gmail.com के माध्यम से जरूर भेजें, ताकि एक स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में आपकी आवाज को भी प्रमुखता से उठाया जा सके।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments