गुणवत्ता और गति पर रहेगा विशेष फोकस, कलेक्टर ने ली निर्माण एजेंसियों और संबंधित ठेकेदारों की समीक्षा बैठक
रायगढ़(पब्लिक फोरम)। जिले में संचालित महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को गति देने और नए निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट में निर्माण एजेंसियों और संबंधित ठेकेदारों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले में संचालित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति के साथ ही नए कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति से लेकर टेंडर प्रक्रिया तक की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि बारिश थमने के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए आगामी जून माह तक निर्धारित कार्यों को पूर्ण करने के लिए सभी निर्माण एजेंसियां अभी से ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें। नए निर्माण कार्यों के लिए डीपीआर तैयार करने, प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने, टेंडर प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजी कार्यों को अक्टूबर माह से पहले पूर्ण कर लिया जाए, ताकि बारिश के बाद और अक्टूबर से कार्यों को तेजी के साथ जमीनी स्तर पर शुरू किया जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और इनमें किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करना होगा। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हर 15 दिन में होगी महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की समीक्षा
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि जिले में संचालित महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की प्रगति की हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के दौरान कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी ली जाएगी। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों, अधिकारियों एवं ठेकेदारों को कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होने देने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, अधिकारी करें नियमित फील्ड मॉनिटरिंग
कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही अथवा गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण और सुपरविजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपना शत-प्रतिशत योगदान सुनिश्चित करें, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत का अवसर न मिले।
नालंदा परिसर से मरीन ड्राइव तक शहरी परियोजनाओं की समीक्षा
कलेक्टर ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग सेतु, हाउसिंग बोर्ड सहित विभिन्न निर्माण एजेंसियों द्वारा संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की। नगर निगम क्षेत्र में संचालित नालंदा परिसर, मरीन ड्राइव, स्टेडियम, तालाब सौंदर्यीकरण, नाला निर्माण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने कार्यों में आवश्यक गति लाने के निर्देश दिए।
फोरलेन, रिंग रोड और प्रमुख सड़क परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में जिले की प्रमुख सड़क एवं फोरलेन परियोजनाओं की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इनमें कनौत-कमतरा मार्ग, चरखापारा-ससकोबा-बंधनपुर मार्ग, ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक फोरलेन, कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ मार्ग, रायगढ़ शहर के लिए रिंग रोड-बायपास मार्ग, रायगढ़-कोतरा-नंदेली फोरलेन, रायगढ़-लोइंग-महापल्ली फोरलेन, खरसिया बायपास, छाल से खरसिया मार्ग, ढिमरापुर से पतरापाली फोरलेन, टीवी टावर रोड से मेडिकल कॉलेज फोरलेन तथा उर्दना चौक से सर्किट हाउस फोरलेन शामिल हैं। कलेक्टर ने इन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप गति देने के निर्देश दिए।
शिक्षा, खेल, पुल और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों पर भी नजर
बैठक में प्रयास आवासीय विद्यालय भवन, ट्रांजिट हॉस्टल, नवीन संगीत महाविद्यालय भवन, किरोड़ीमल महाविद्यालय में लैब एवं भवन निर्माण, पुसौर एवं महापल्ली में बहुउद्देशीय इंडोर स्टेडियम तथा शासकीय नवीन महाविद्यालय कुसमुरा सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही खरसिया में आरओबी निर्माण, विभिन्न ब्रिज एवं पुल निर्माण कार्यों, कयाघाट, बालसमुंद, केवड़ाबाड़ी, चांदनी चौक एवं गोवर्धनपुर में पुल निर्माण, केनाल लिंक रोड, रिवर फ्रंट, ऑक्सीजोन, जेल कॉम्प्लेक्स तथा विश्राम भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री एवं मंत्री घोषणा, अधोसंरचना मद, विधायक निधि तथा जिला खनिज न्यास निधि के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों की भी समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदार उपस्थित थे।
बारिश थमते ही रफ्तार पकड़ेंगे निर्माण कार्य, जून तक पूरा करने कलेक्टर ने तय की समय-सीमा अक्टूबर से पहले पूरी होगी डीपीआर से टेंडर तक की प्रक्रिया, हर 15 दिन में होगी प्रगति की समीक्षा
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