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अग्रसेन भवन जमनीपाली में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण

कोरबा/जमनीपाली (पब्लिक फोरम)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर साडा कॉलोनी जमनीपाली स्थित अग्रसेन भवन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री नरेंद्र अग्रवाल और वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने अमरूद का पौधा लगाया। इस दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण के साथ पौधों की नियमित देखभाल पर भी जोर दिया।

15 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री नरेंद्र अग्रवाल मुख्य अतिथि और जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स कोरबा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने अग्रसेन भवन परिसर में अमरूद का पौधा लगाया।

इस अवसर पर अग्रवाल समाज के पदाधिकारी और अन्य लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।

मुख्य अतिथि नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि पेड़-पौधों का मानव जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा, “पेड़ है तो जल है और जल है तो कल है।” उनके अनुसार पर्यावरण का संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।

विशिष्ट अतिथि नरेश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने और उसके बड़ा होने तक उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने पौधों की नियमित देखभाल को पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

पौधारोपण अभियान का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब लगाए गए पौधे जीवित रहें और पेड़ का रूप लें। इसके लिए पौधों को नियमित पानी देने, उनकी सुरक्षा करने और आवश्यकतानुसार देखभाल करने की जरूरत होती है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों के माध्यम से पौधारोपण को व्यक्तिगत जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों का महत्व केवल एक दिन पौधा लगाने तक नहीं, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति दीर्घकालिक जिम्मेदारी विकसित करने में है।

जमनीपाली में आयोजित यह पौधारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक भागीदारी का संदेश देता है। एक पौधा लगाना शुरुआत है, लेकिन उसे पेड़ बनने तक बचाना ही उस प्रयास की वास्तविक सफलता है। पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी यदि सामूहिक प्रयास के साथ व्यक्तिगत स्तर पर भी निभाई जाए, तो इसका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सकता है।

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