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छत्तीसगढ़ के 158 नगरीय निकायों को मिली 74 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता

रायपुर (पब्लिक फोरम)। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के 158 नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इन निकायों को विभिन्न मदों में कुल 74 करोड़ 88 लाख 17 हजार रुपए आबंटित किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की स्वीकृति के बाद विभाग ने सभी निकायों को राशि जारी करने के आदेश दे दिए हैं। इससे स्थानीय निकायों को वेतन और अन्य जरूरी भुगतान करने में राहत मिलेगी।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रायपुर से प्रदेश के 158 नगरीय निकायों के लिए राशि आबंटन के आदेश जारी किए हैं। यह राशि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर के निकायों में बांटी गई है।

विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के 10 नगर निगमों को कुल 45 करोड़ 7 लाख 90 हजार रुपए दिए गए हैं। इसी तरह 48 नगर पालिकाओं को 18 करोड़ 60 लाख 34 हजार रुपए और 100 नगर पंचायतों को 11 करोड़ 19 लाख 92 हजार रुपए आबंटित किए गए हैं। यह राशि अनिवार्य निधि, राजस्व वसूली, चुंगी क्षतिपूर्ति, उत्पाद कर, बार लाइसेंस तथा मुद्रांक मद के अंतर्गत दी गई है।

विभाग के अनुसार इस राशि से नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। इससे स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान समय पर हो सकेगा। इसके अलावा सड़क, नाली और भवनों की मरम्मत तथा संधारण जैसे कार्यों के लिए भी यह राशि काम आएगी। बरसात के मौसम में अतिवृष्टि जैसी आपात स्थितियों से निपटने में भी निकायों को इस फंड से मदद मिलेगी।

शहरी निकायों में अक्सर वेतन और सेवानिवृत्ति भुगतान समय पर न होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में यह आबंटन कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए राहत की खबर हो सकता है। साथ ही, मानसून के दौरान नुकसान की मरम्मत के लिए निकायों के पास पहले से राशि उपलब्ध रहने से कामकाज में देरी कम होने की संभावना है।

नगरीय निकायों तक समय पर पहुंचने वाली यह राशि सिर्फ आंकड़ों का मामला नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर उन कर्मचारियों और नागरिकों पर पड़ता है जो रोजमर्रा की सुविधाओं और सेवाओं के लिए अपने नगर निगम, पालिका या पंचायत पर निर्भर रहते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह राशि जमीनी स्तर पर वास्तव में किस गति और पारदर्शिता के साथ खर्च होती है।

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