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बालको नगर की जन-समस्याओं पर भाकपा सख्त: प्रशासन पर उदासीनता का आरोप

कोरबा (पब्लिक फोरम)। कोरबा के बालको क्षेत्र में सड़क, पुलिया और साप्ताहिक बाजार से जुड़ी लंबे समय से लंबित समस्याओं को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने शासन-प्रशासन के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के जिला सचिव कामरेड पवन कुमार वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि बार-बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है, जिससे क्षेत्र की जनता परेशान है।

प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
कामरेड वर्मा के अनुसार, भाकपा द्वारा बालको की विभिन्न समस्याओं को लेकर समय-समय पर धरना-प्रदर्शन किए गए और जिलाधीश के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे गए। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता और निरंकुशता से जोड़ते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए।

भाजपा पर दोहरे रवैये का आरोप
भाकपा नेता ने भाजपा के रुख में बदलाव को भी निशाने पर लिया। उनका कहना है कि लगभग दो वर्ष पहले जब भाजपा विपक्ष में थी, तब उसके नेताओं ने परसाभाटा रोड से बजरी उठाए जाने को नगर निगम में भ्रष्टाचार का मुद्दा बताया था। अब नगर निगम में भाजपा की सत्ता है, और वही सड़क तालाब में बदल चुकी है। कामरेड वर्मा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद पार्टी के नेताओं का ध्यान इस समस्या से हट गया है, जिससे जनता की परेशानी बढ़ी है। यह आरोप भाकपा की ओर से लगाया गया है और प्रशासन या भाजपा की प्रतिक्रिया अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

भाकपा की प्रमुख मांगें
प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी ने प्रशासन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
जर्जर पुलिया और सड़क का निर्माण: ढेंगुनाला रिंग रोड पर बालको से रुमगड़ा स्थित ध्यानचंद चौक तक तीनों पुलिया बेहद जर्जर स्थिति में हैं और सड़क की हालत भी खराब है। पार्टी ने पुलियों सहित पूरी सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण अविलंब कराने की मांग की है।

भारी वाहनों पर तय समय के लिए ‘नो एंट्री’: बालको बजरंग चौक से परसाभाटा होते हुए रिसदा चौक तक भारी वाहनों के बेरोकटोक आवागमन से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। भारत एल्युमिनियम कंपनी में कार्यरत हजारों श्रमिकों के लिए यह मार्ग जोखिम भरा बन गया है, और रात में उड़ने वाली धूल के कारण दृश्यता भी प्रभावित होती है। पार्टी ने ‘अ’, ‘ब’ और ‘स’ पाली के श्रमिकों की ड्यूटी के समय से 30 मिनट पहले और 30 मिनट बाद तक इस मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग की है।

साप्ताहिक बाजार का जीर्णोद्धार: परसाभाटा में लगने वाले साप्ताहिक बाजार की गुमटियों की छतें और पी.सी.सी. सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे व्यापारी और आम लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पार्टी ने गुमटियों और सड़क के तत्काल जीर्णोद्धार की मांग की है।
श्रमिकों और आम जनता पर असर
बालको क्षेत्र में भारत एल्युमिनियम कंपनी के हजारों श्रमिकों का प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरना होता है। सड़क और पुलियों की जर्जर हालत तथा भारी वाहनों का दबाव इन श्रमिकों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा मसला है। इसी तरह साप्ताहिक बाजार पर निर्भर छोटे व्यापारियों और ग्राहकों के लिए भी मौजूदा स्थिति रोजमर्रा की चुनौती बनी हुई है। इन मुद्दों का सीधा संबंध क्षेत्र के आम नागरिकों की सुरक्षा और आजीविका से है।

कामरेड पवन कुमार वर्मा ने प्रशासन से इन मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेकर ठोस कार्यवाही करने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है, हालांकि इस संबंध में कोई ठोस तारीख या कार्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया है।

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