बालको प्रबंधन के अल्टीमेटम के खिलाफ कांग्रेस मैदान में – जयसिंह अग्रवाल की चेतावनी: “जबरदस्ती हुई तो सड़क पर उतरेंगे”
कोरबा/बालकोनगर (पब्लिक फोरम)। बालको प्रबंधन के उस अल्टीमेटम ने जब बालकोनगर के छोटे और मेहनतकश दुकानदारों की नींद उड़ा दी – जिसमें 8 अप्रैल तक ठेले-गुमटियां और दुकानें खाली करने की कठोर चेतावनी थी – तो उनकी पुकार कांग्रेस तक पहुँची और जवाब तत्काल आया।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल स्वयं बालकोनगर पहुँचे। उत्सव वाटिका, इंदिरा मार्केट में बालकोनगर चैम्बर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले आयोजित बैठक में जब सैकड़ों प्रभावित दुकानदार और उनके परिजन एकत्रित हुए, तो वह महज एक राजनीतिक आयोजन नहीं रहा – वह एक संघर्ष की खुली घोषणा बन गई।
चैम्बर के अध्यक्ष सुमेरमल डालमिया सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नोटिस प्राप्त लगभग सभी प्रभावित दुकानदार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

8 अप्रैल का अल्टीमेटम – रोज़ी-रोटी पर मंडराता संकट
बैठक में दुकानदारों ने बताया कि बालको प्रबंधन ने उन्हें “8 अप्रैल तक” अपनी दुकानें और ठेले-गुमटियाँ स्वेच्छा से खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। यह भी धमकी दी गई है कि यदि समय-सीमा में स्थान नहीं छोड़ा गया, तो प्रबंधन “बलपूर्वक हटाने की कार्रवाई” करेगा।
यह सुनते ही बैठक में रोष की लहर दौड़ गई। जो परिवार वर्षों से इन्हीं छोटी-छोटी दुकानों के सहारे अपना जीवन चला रहे हैं, उनके सामने अचानक आजीविका का गहरा संकट खड़ा हो गया है।
जयसिंह अग्रवाल की दो टूक – “एक फोन पर हाज़िर रहूँगा”
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए दृढ़ शब्दों में कहा –
“मैं हर परिस्थिति में इन गरीब और मेहनतकश दुकानदारों के साथ हूँ। संकट की घड़ी में एक फोन कॉल पर हमेशा उपलब्ध रहूँगा। किसी भी अन्यायपूर्ण कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने वेदांता प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ठेला-गुमटियाँ और दुकानें हटाने का प्रयास किया गया, तो जोरदार जनआंदोलन छेड़ा जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो प्रबंधन के विरुद्ध मोर्चा खोला जाएगा और बालको द्वारा किए गए अवैध निर्माणों के विरुद्ध भी सड़क पर उतरकर सख्त कार्रवाई की माँग की जाएगी।
एकजुटता का आह्वान – “हर संघर्ष करो, पर साथ रहो”
श्री अग्रवाल ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सीधा आह्वान किया कि वे पूर्ण एकजुटता के साथ प्रभावित दुकानदारों के साथ खड़े रहें और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करें।
बैठक में कांग्रेस के पी.सी.सी. सचिव विकास सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सपना चौहान, सांसद प्रतिनिधि मोहन प्रधान, प्रदेश महिला नेत्री रेखा त्रिपाठी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश पंकज, वरिष्ठ नेता एफ.डी. मानिकपुरी, शशिलता पाण्डेय, आनंद पालीवाल, पुष्पा पात्रे, ब्लॉक अध्यक्ष ए.डी. जोशी, राजेंद्र तिवारी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष दुष्यंत शर्मा, पार्षद बद्रीकिरण, मंडल अध्यक्ष अश्वनी पटेल, बुद्धेश्वर चौहान, इकबाल कुरैशी, देवीदयाल सोनी, पूर्व एल्डरमैन आरिफ खान, शायदा खान, श्रीकांत माँझी, अमित सिंह तथा विभिन्न मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उत्साह के साथ शामिल हुए।
INTUC की अनुपस्थिति – सवाल जो गूँज रहे हैं
इस महत्वपूर्ण बैठक में एक बात चर्चा का विषय बनी रही – कांग्रेस का श्रमिक संगठन INTUC बालकोनगर में अनुपस्थित रहा।
बालको के श्रमिक परिवारों में यह सवाल उठ रहा है कि वेदांता के शोषण के खिलाफ जब कांग्रेस और भाजपा दोनों मैदान में हैं, तो फिर BMS और INTUC – दोनों प्रमुख दलों के श्रमिक संगठन – इन आंदोलनों से दूरी क्यों बनाए रखते हैं? क्या ये संगठन अपने राजनीतिक दलों के साथ खड़े होने की बजाय प्रबंधन की मर्जी के मुताबिक चल रहे हैं? आखिरकार प्रबंधन के साथ इनका क्या सांठ गांठ है? – यह सवाल अब बालकोनगर के श्रमिक वर्ग में खुलकर उठने लगा है।
संकल्प की गूंज -“अन्याय नहीं सहेंगे”
बैठक के अंत में उपस्थित समस्त नगरवासियों ने एक स्वर में अन्यायपूर्ण कार्रवाई का विरोध किया और संघर्ष जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया।
बालकोनगर की यह बैठक एक स्पष्ट संदेश है – छोटे दुकानदारों की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती। यदि प्रबंधन ने ज़बरदस्ती का रास्ता अपनाया, तो जवाब सड़क पर मिलेगा।





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