कलेक्टर के निर्देश पर खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने जिलेभर में एक साथ दबिश दी, रेत-मुरूम-कोयला माफियाओं पर कसा शिकंजा
कोरबा (पब्लिक फोरम)। जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की जड़ें खोदने के लिए गुरुवार को जिला प्रशासन ने एक निर्णायक और व्यापक कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर कुणाल दुदावत के सीधे निर्देश पर जिला खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने एक साथ कई क्षेत्रों में छापेमारी की – और इस एक दिन की कार्रवाई में कुल “34 वाहन” जब्त कर लिए गए।
यह अभियान अचानक और बिना किसी पूर्व सूचना के चलाया गया, जिससे अवैध कारोबार में लिप्त लोग बच निकलने में नाकाम रहे।
जिले के कोने-कोने में एक साथ दबिश
खनिज विभाग के उप संचालक प्रमोद नायक ने बताया कि आज की कार्रवाई जिले के पाँच प्रमुख क्षेत्रों में एक साथ संचालित की गई :—
“पोड़ी-उपरोड़ा” के पोड़ी और पसान क्षेत्र में अवैध परिवहन करते पाँच वाहन पकड़े गए। “कटघोरा” में आठ ट्रैक्टर और एक हाईवा रंगे हाथों जब्त हुए। “कोरबा क्षेत्र” में नौ वाहन और एक जेसीबी मशीन अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त मिले। पाली में छ: वाहनों पर प्रकरण दर्ज किए गए। “भैसमा” में एक चैन-माउंट मशीन, तीन हाईवा और एक अवैध मिट्टी उत्खनन का प्रकरण दर्ज करते हुए कार्रवाई पूरी की गई।
जब्त सभी वाहनों के विरुद्ध खान और खनिज अधिनियम, 1957 की धारा 21के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मैदान पर उतरे अधिकारी, थानों में जमा हुए वाहन
कोरबा एसडीएम सरोज महिलांगे के नेतृत्व में तहसीलदार सत्यपाल राय की टीम ने ग्राम चिचोली में छापा मारकर अवैध रेत परिवहन के सात ट्रैक्टर जब्त किए। कोरबा तहसील में तहसीलदार बजरंग साहू की टीम ने बरबसपुर घाट और ग्राम बरीडीह घाट से दो ट्रैक्टर और एक जेसीबी पकड़ी, जिन्हें थाना उरगा के सुपुर्द किया गया।
पाली अनुविभाग में एसडीएम रोहित सिंह के मार्गदर्शन में तहसीलदार भूषण मंडावी की टीम ने पाँच ट्रैक्टर थाना पाली में जमा कराए। कटघोरा अनुविभाग में एसडीएम तन्मय खन्ना के नेतृत्व में तीन तहसीलों — कटघोरा, दीपका और दर्री — में संयुक्त अभियान चला, जिसमें सात ट्रैक्टर पकड़े गए। पोड़ी-उपरोड़ा के एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि पोड़ी में तीन और पसान तहसील में दो ट्रैक्टर जब्त कर पाँच प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

पूरे वित्त वर्ष का हिसाब – 376 प्रकरण, 98 लाख रुपए से अधिक जुर्माना
आज की कार्रवाई कोई इकलौती घटना नहीं है – यह एक सतत और सुनियोजित अभियान का हिस्सा है।
1 मार्च से 19 मार्च 2026 के बीच ही विभाग ने अवैध भंडारण के 2 प्रकरण, उत्खनन के 9 प्रकरण और परिवहन के 31 प्रकरण दर्ज करते हुए 13,36,427 रुपए का अर्थदंड लगाया।
पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 19 मार्च 2026 तक परिवहन के 326, उत्खनन के 37 और भंडारण के 13 – कुल 376 प्रकरण दर्ज हो चुके हैं, और इन पर ₹98,51,922 का जुर्माना वसूला जा चुका है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश – अब कोई रियायत नहीं
जिला प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि मिट्टी, मुरूम, रेत, ईंट और कोयले की अवैध खुदाई, ढुलाई और जमाखोरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी और आने वाले दिनों में निगरानी को और अधिक कड़ा किया जाएगा।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास हो रही किसी भी संदिग्ध खनन गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें – क्योंकि यह लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, पूरे जिले की है।





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