शनिवार, मार्च 7, 2026
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पुलिस प्रताड़ना से मौत का आरोप: रमेश चौहान प्रकरण में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच

रायगढ़ (पब्लिक फोरम)। खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम परसकोल में एक युवक रमेश चौहान की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रमेश की मृत्यु पुलिस प्रताड़ना का नतीजा है – और यह आरोप केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहा। गुरुवार को सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए, नेशनल हाईवे जाम हो गया और अंततः प्रशासन को झुकना पड़ा।

सड़क पर उतरे ग्रामीण, एसडीएम कार्यालय से हाईवे तक गूंजा आक्रोश
5 मार्च 2026 की शाम करीब साढ़े चार बजे ग्राम परसकोल के लगभग 150 से 200 ग्रामीण एसडीएम कार्यालय, खरसिया पहुंचे। हाथों में न्याय की मांग, आंखों में गुस्सा और होठों पर नारे – यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं था, यह एक परिवार के दर्द की सामूहिक आवाज़ थी। शाम सात बजे तक कार्यालय परिसर में नारेबाजी होती रही।

जब कार्यालय से बात नहीं बनी, तो ग्रामीणों का सैलाब ग्राम बोतल्दा चौक स्थित नेशनल हाईवे पर जा पहुंचा। लोग मुख्य मार्ग पर बैठ गए। देखते ही देखते भीड़ बढ़कर 200 से 250 तक पहुंच गई। क्षेत्रीय विधायक भी इस जनसैलाब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।

तीन सूत्री मांगें – न्याय, मुआवजा और जवाबदेही
ग्रामीणों की मांगें साफ और सीधी थीं:-
– रमेश चौहान की मृत्यु की विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच हो।
– मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और शासकीय नौकरी दी जाए।
– दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

प्रशासन ने दिया भरोसा, ग्रामीण लौटे घर
मौके पर पहुंचे एसडीएम खरसिया और अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद किया। उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण शांतिपूर्वक हाईवे से हटकर वापस परसकोल लौट गए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखा गया था।

प्रशासन की त्वरित और ठोस कार्रवाई
जिला प्रशासन ने इस मामले में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कई अहम कदम उठाए:-

🔹मजिस्ट्रियल जांच के आदेश: रमेश चौहान की मृत्यु की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
🔹शासकीय नौकरी की प्रक्रिया शुरू: मृतक के परिजन को कलेक्टर दर पर शासकीय सेवा में सम्मिलित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
🔹पुलिसकर्मी लाइन अटैच: थाना प्रभारी सहित दो पुलिसकर्मियों – विसोप सिंह और योगेश साहू – को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रमेश चौहान की मौत अब सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं रही – यह पूरे क्षेत्र का सवाल बन चुकी है। अब निगाहें मजिस्ट्रियल जांच पर टिकी हैं – क्या सच सामने आएगा?

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