“एक किलो चावल और 50 रुपये’ से संवरेंगे कई घर”
कोरबा (पब्लिक फोरम)। जब कोई समाज अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए कुरीतियों पर प्रहार करता है, तो वह केवल इतिहास नहीं रचता, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित भी करता है। कोरबा-जांजगीर ध्रुव गोंड समाज (पुटा, पाली महासभा मावली गोंड समाज) ने भी कुछ ऐसा ही ऐतिहासिक और दूरदर्शी फैसला लिया है। समाज ने शादियों में होने वाली जानलेवा फिजूलखर्ची और दिखावे की संस्कृति को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है।
कर्ज और गिरवी जमीन का दर्द बना बदलाव की वजह
आज के दौर में शादियों का बढ़ता खर्च आम आदमी की कमर तोड़ रहा है। बैठकों में समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं ने जिस कड़वी सच्चाई को साझा किया, वह झकझोरने वाली थी। बेटियों के हाथ पीले करने और झूठी शान बनाए रखने के लिए लोगों को अपने खेत बेचने पड़ रहे हैं, पुश्तैनी जमीनें गिरवी रखनी पड़ रही हैं। एक शादी का कर्ज पूरे परिवार को वर्षों तक मानसिक और आर्थिक पीड़ा में धकेल देता है।
इसी गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेते हुए ध्रुव गोंड समाज ने 13 फरवरी और 28 फरवरी 2026 को लगातार महत्वपूर्ण बैठकें कीं। ग्राम पुटा में हुए इस मंथन में सर्वसम्मति से तय किया गया कि अब दिखावे और आडंबर को त्यागकर सामूहिक विवाह को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि कम खर्च में अपनी ठेठ परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराए जा सकें।
‘एक किलो चावल और 50 रुपये’: एकता का अनूठा मॉडल
इस सामूहिक विवाह को सफल बनाने के लिए समाज ने जो मॉडल अपनाया है, वह पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। तय किया गया है कि इस आयोजन में सहयोग के रूप में समाज के प्रत्येक घर से मात्र ‘एक किलो चावल और 50 रुपये नकद’ लिए जाएंगे। यह महज एक चंदा नहीं है, बल्कि यह उस भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक है, जो हर घर को सीधे तौर पर इस आयोजन से जोड़ेगा।
शिक्षा और प्रतिभा का होगा सम्मान
ध्रुव गोंड समाज का यह जागरण केवल शादियों तक सीमित नहीं है। पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में यह संदेश दिया है कि “समाज का पैसा अब व्यर्थ के दिखावे में नहीं, बल्कि समाज के उत्थान में काम आएगा।” इसी नई सोच के तहत निर्णय लिया गया है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों को समाज की ओर से नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
29 मार्च को होगा ऐतिहासिक सामूहिक विवाह
एकता, जागरूकता और संगठन की इस नई ताकत के साथ ध्रुव गोंड समाज का यह भव्य सामूहिक विवाह आगामी 29 मार्च 2026 (रविवार) को ग्राम पुटा में संपन्न होगा। इसे लेकर अभी से समाज के लोगों में भारी उत्साह है और लोग स्वेच्छा से अतिरिक्त आर्थिक सहयोग भी प्रदान कर रहे हैं।
ग्राम पुटा से उठी यह पहल स्पष्ट कर रही है कि गोंड समाज अब पूरी तरह से जाग चुका है। यह बदलाव की बयार है, जो आने वाले समय में गांव-गांव के लिए एक शानदार मिसाल साबित होगी।





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