बुधवार, फ़रवरी 25, 2026
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राशन गबन पर कड़ी चेतावनी, तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारी शुरू: कलेक्टर का एक्शन प्लान

पीएमश्री स्कूलों की होगी गुणवत्ता जांच, आदिवासी बसाहटों के लिए बनेगी खास योजना

कोरबा (पब्लिक फोरम)। आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं से लेकर विकास की बड़ी योजनाओं तक, कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समय-सीमा की बैठक में सख्त लहजा अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर हाल में अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राशन दुकानों में गड़बड़ी पर गाज
कलेक्टर ने सबसे पहले अपना फोकस शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर लगाया। खाद्यान्न वितरण न होने की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने खाद्य विभाग को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राशन दुकानों में समय पर भंडारण सुनिश्चित किया जाए और हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर खाद्यान्न बांटा जाए। उन्होंने सभी एसडीएम को खुद मैदान में उतरने का आदेश देते हुए कहा कि वे खाद्य निरीक्षकों के साथ बैठक कर वितरण व्यवस्था की समीक्षा करें। सबसे अहम बात, कलेक्टर ने राशन में गबन करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश देकर एक सख्त संदेश दिया है कि गरीबों के हिस्से का अन्न चुराना किसी को भी महंगा पड़ सकता है।

शिक्षा की गुणवत्ता परखेंगे नोडल अधिकारी
कलेक्टर ने पीएमश्री विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने इन स्कूलों में नियुक्त सभी नोडल अधिकारियों को स्कूलों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का गहन मूल्यांकन करने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल सुविधाएं ही नहीं देखें, बल्कि बच्चों से बातचीत कर उनकी जरूरतों को भी समझें और उसी आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। मकसद सिर्फ स्कूल चलाना नहीं, बल्कि इन्हें उत्कृष्टता का केंद्र बनाना है।

तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारी शुरू, 48 घंटे में भुगतान के निर्देश
गर्मियों के आगमन के साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण का काम भी शुरू होगा। इसे देखते हुए कलेक्टर ने वन विभाग को अगले सात दिनों के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य दिया। संग्राहकों का सर्वेक्षण, कार्ड वितरण, बीमा, फड़ मुंशी और अभिरक्षकों की नियुक्ति जैसे कार्य तुरंत पूरे करने को कहा गया। कलेक्टर ने एक अहम निर्देश देते हुए कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक उनके खाते में 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाए। इसके लिए सभी संग्राहकों के बैंक खाते समय पर खुल जाएं, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों को दी गई।

आदिवासी बसाहटों के लिए विकास की बड़ी योजना
कलेक्टर ने जिले के पिछड़े आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए अनुच्छेद 275(1) के तहत एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। यह योजना 15 अप्रैल से पहले शासन को भेजनी होगी। उन्होंने जिला योजना समिति से अनुमोदन के बाद वार्षिक, तीन वर्षीय और पंचवर्षीय योजना तैयार करने को कहा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, पशुपालन और ईको-टूरिज्म को प्राथमिकता दी जाए। खास तौर पर पीवीटीजी बसाहटों के विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

बैठक में कलेक्टर ने कई अन्य विभागों के कामकाज की भी समीक्षा की:-

· डिजिटल कनेक्टिविटी: नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर लगाने के लिए 5 मार्च तक जानकारी मांगी गई।
· सांस्कृतिक विकास: आदिवासी परंपरा और संस्कृति वाले पूजा स्थलों को विकसित करने के लिए स्थानों को चिन्हित कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
· स्वास्थ्य सेवाएं: स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी बनाने और सिकलसेल, डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
· आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना में जियो टैगिंग के बाद ही भुगतान के निर्देश दोहराए गए। पीएम जनमन योजना के तहत बनने वाले आवासों को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया।
· अवैध खनन: नदियों और पुलों के नीचे होने वाले अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए गए।
· वृद्धाश्रम: जिले में अत्याधुनिक वृद्धाश्रम खोलने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।

कलेक्टर के इन निर्देशों से साफ है कि प्रशासन अब जनता की हर समस्या के प्रति गंभीर है और विकास कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ पारदर्शिता और समयबद्धता पर भी पूरा जोर दे रहा है।

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