जल-जंगल-ज़मीन की संघर्षों से समझिए आज़ादी का असली अर्थ साथियों! जब हम जंगल के बीच खड़े होकर गहरी सांस लेते हैं, तो हवा हमसे यह नहीं पूछती कि हम कौन हैं। जब नदी पहाड़ों का सीना चीरकर बहती है, तो वह किसी ठेकेदार या सरकार से बहने की इजाज़त नहीं मांगती। प्रकृति ने हम सबको […]