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सत्येन्द्र देवांगन उर्फ सोनू एक साल के लिए हुआ जिला बदर: कलेक्टर व जिला दण्डाधिकारी कार्तिकेया गोयल ने जारी किया आदेश

24 घंटे के भीतर रायगढ़ के साथ सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा एवं जशपुर जिले की सीमाओं से जाना होगा बाहर

रायगढ़ (पब्लिक फोरम)। कलेक्टर व जिला दण्डाधिकरी कार्तिकेया गोयल ने 4 दिसम्बर 2023 को आदेश जारी कर सत्येन्द्र देवांगन उर्फ सोनू, पिता-रामधन देवांगन, उम्र-27 वर्ष, निवासी-अम्बेडकर आवास थाना चक्रधरनगर, रायगढ़  को एक साल के लिए जिला बदर कर दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3 एवं 5 के तहत जिला दण्डाधिकारी न्यायालय में चल रहे न्यायिक प्रकरण में यह आदेश पारित किया है। आदेश में उल्लेख है कि जब तक यह आदेश लागू रहेगा सत्येन्द्र देवांगन को चौबीस घंटे के भीतर जिला-रायगढ़ तथा समीपवर्ती जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा एवं जशपुर जिले के क्षेत्र से एक वर्ष के लिए बाहर जाना होगा। सत्येन्द्र देवांगन को उक्त अवधि में बिना वैधानिक अनुमति लिए इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं करना है। इस आदेश का तुरंत पालन किया जाना होगा। पालन नहीं करने पर सत्येन्द्र देवांगन के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर यह पाया गया कि सत्येन्द्र देवांगन वर्ष 2016 से चक्रधरनगर क्षेत्र में लगातार सट्टा पट्टी लिखकर असामाजिक  कृत्य करने का अपराध घटित करते आ रहा है। उसके आपराधिक कृत्य से आम जनता आतंकित है तथा भय एवं आतंक के कारण उसके विरूद्ध खुले तौर पर शिकायत करने व साक्ष्य देने के लिए सामने आने का साहस नहीं कर पाते है। जिसके कारण शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सत्येन्द्र देवांगन के आचरण में सुधार लाने के लिए उसके विरूद्ध सामान्य विधियों के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का कोई असर नहीं हुआ है तथा सुधार नहीं आ रहा है। सत्येन्द्र देवांगन के आपराधिक कृत्यों के कारण जनसामान्य  अपनी जानमाल की सुरक्षा के प्रति आशंकित होने लगे है, जिससे लोक परिशांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की भी युक्तियुक्त संभावना बनी हुई है। इसके आपराधिक कृत्यों में विधिक तरीके से कार्यवाही किए जाने के बावजूद सुधार की कोई अन्य विकल्प नहीं होने से छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा ग के अंतर्गत कार्यवाही अमल में लाया जाना नितांत आवश्यक हो गया है। पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा सत्येन्द्र देवांगन के विरूद्ध छ.ग.राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करने हेतु प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है।

जिसके पश्चात कलेक्टर व जिला दण्डाधिकारी श्री गोयल ने आदेश पारित किया कि अनावेदक लगातार अपराधिक कृत्य में संलग्न होकर अपराधिकृत प्रवृत्ति का व्यक्ति है जिससे कानून व्यवस्था एवं लोक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अत: राज्य सुरक्षा अधिनियम के उक्त प्रावधान के तहत उसे जिले से निष्कासित किए जाने का पर्याप्त कारण है। अत: राज्य की सुरक्षा व कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए सत्येन्द्र देवांगन को इस जिला तथा समीपवर्ती जिलों से निष्कासित किया जाना अति आवश्यक हो गया है। अतएव सत्येन्द्र देवांगन उर्फ सोनू को रायगढ़ जिले तथा समीपवर्ती जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा एवं जशपुर जिले की सीमाओं से एक वर्ष की अवधि के लिए निष्कासित किया जाता है। सत्येन्द्र देवांगन आदेश पारित होने के 24 घंटे के भीतर उक्त जिलों की सीमा से बाहर जाना होगा।

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