बिलासपुर-कोरबा और कोरबा-रायगढ़ रेल सेवा विस्तार की मांग
यात्री ट्रेनों के विस्तार को लेकर सांसद ने मांगी समयबद्ध कार्ययोजना
कोरबा (पब्लिक फोरम)। कोरबा लोकसभा क्षेत्र में लंबे समय से लंबित रेल यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के महाप्रबंधक को पत्र भेजा है। उन्होंने बिलासपुर, रायगढ़ और अन्य प्रमुख शहरों के लिए यात्री सेवाएं बढ़ाने तथा सभी प्रस्तावों की तकनीकी और परिचालनिक व्यवहार्यता की तत्काल जांच कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की मांग की है।
दोपहर में बिलासपुर से कोरबा ट्रेन की जरूरत
सांसद ने पत्र में कहा है कि कोरबा देश के प्रमुख ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां से रेलवे को महत्वपूर्ण राजस्व मिलता है, लेकिन यात्री सुविधाओं के मामले में क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
विशेष रूप से दोपहर के समय बिलासपुर से कोरबा आने के लिए नियमित यात्री ट्रेन उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों को परेशानी होती है। इसका असर विद्यार्थियों, कर्मचारियों, छोटे व्यापारियों और रोजमर्रा के काम से बिलासपुर आने-जाने वाले नागरिकों पर पड़ता है।
सांसद ने इस समस्या के समाधान के लिए मौजूदा ट्रेनों के परिचालन समय का बेहतर उपयोग करने का सुझाव दिया है। उन्होंने भोपाल पैसेंजर के बिलासपुर में लंबे समय तक खड़े रहने की अवधि को देखते हुए इसके परिचालन समय में आवश्यक बदलाव कर दोपहर करीब 2 बजे बिलासपुर से कोरबा तक चलाने की संभावना का परीक्षण करने को कहा है।

नर्मदा एक्सप्रेस को कोरबा से चलाने का सुझाव
इसी तरह सांसद ने बिलासपुर-नर्मदा एक्सप्रेस के बिलासपुर में लंबे समय तक खड़े रहने की अवधि का उपयोग करने का प्रस्ताव रखा है। उनके अनुसार, इसकी परिचालन व्यवस्था में आवश्यक बदलाव कर प्रतिदिन सुबह करीब 9 बजे कोरबा से ट्रेन संचालित करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि इन सुझावों पर अंतिम निर्णय रेलवे की तकनीकी और परिचालनिक जांच के बाद ही संभव होगा। इसलिए सांसद ने रेलवे से इन प्रस्तावों की व्यवहार्यता का परीक्षण कर स्पष्ट निर्णय लेने को कहा है।
कोरबा-रायगढ़ के बीच नियमित ट्रेन की मांग
सांसद ने कोरबा और रायगढ़ के बीच नियमित यात्री ट्रेन शुरू करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि सुबह करीब 8:30 बजे कोरबा से रायगढ़ और शाम करीब 7 बजे रायगढ़ से कोरबा के लिए ट्रेन संचालित की जा सकती है।
इस सेवा का लाभ कोरबा के अलावा बालपुर, सरगांव, सक्ती, खरसिया और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। नियमित रेल सेवा शुरू होने से नौकरी, शिक्षा, व्यापार और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए इन क्षेत्रों के बीच आने-जाने वाले लोगों को सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिल सकता है।
बिलासपुर में समाप्त होने वाली ट्रेनों के विस्तार पर जोर
सांसद ने छत्तीसगढ़ आने-जाने वाली उन ट्रेनों की पहचान करने की भी मांग की है, जिनका परिचालन बिलासपुर में ही समाप्त हो जाता है। ऐसी उपयुक्त ट्रेनों को बिलासपुर से आगे कोरबा तक विस्तारित करने की संभावनाओं का परीक्षण करने का सुझाव दिया गया है।
इसके अलावा उन्होंने अन्य प्रमुख स्टेशनों की तरह कोरबा से भी विशेष और अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन की योजना बनाने की मांग की है। इससे त्योहारी सीजन, परीक्षा, रोजगार और अन्य आवश्यक यात्राओं के दौरान बढ़ने वाली यात्री संख्या को संभालने में मदद मिल सकती है।
रेलवे सुविधाओं को विकास से जोड़कर देखा
सांसद ज्योत्सना महंत के अनुसार, कोरबा की रेल यात्री सुविधाओं का सवाल केवल आवागमन का विषय नहीं है। इसका संबंध क्षेत्र के औद्योगिक विकास, रोजगार, शिक्षा, व्यापार और आम नागरिकों के दैनिक जीवन से भी जुड़ा है।
“कोरबा देश की ऊर्जा और कोयला जरूरतों में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में यहां की जनता को बेहतर रेल यात्री सुविधाएं मिलना उसका जायज अधिकार है।”
उन्होंने रेलवे महाप्रबंधक से सभी प्रस्तावों की तकनीकी और परिचालनिक जांच तत्काल पूरी करने, स्पष्ट समयसीमा के साथ कार्ययोजना तैयार करने और उस पर कार्रवाई शुरू करने की मांग की है।
सांसद ने कार्ययोजना की प्रगति से उनके कार्यालय और कोरबा की जनता को अवगत कराने की मांग भी की है। उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही यात्री सुविधाओं की मांगों को केवल आश्वासन तक सीमित रखने के बजाय परिणाममूलक कार्रवाई की जरूरत है।
यदि रेलवे इन प्रस्तावों को व्यवहार्य पाता है और समयबद्ध तरीके से लागू करता है, तो कोरबा और आसपास के यात्रियों को शिक्षा, रोजगार, व्यापार तथा दैनिक आवागमन में सीधा लाभ मिल सकता है। फिलहाल इन मांगों का अगला चरण रेलवे के तकनीकी और परिचालनिक परीक्षण पर निर्भर करेगा।






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