रायगढ़(पब्लिक फोरम) । जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने तथा हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा उचित मूल्य दुकानों के संचालन और राशन वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में खाद्य विभाग द्वारा उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। धरमजयगढ़ विकासखंड में जांच के दौरान दो उचित मूल्य दुकानों में गंभीर अनियमितता सामने आने पर प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि ग्राम गनपतपुर की शासकीय उचित मूल्य दुकान के निरीक्षण के दौरान स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक की कमी पाई गई। कम पाए गए खाद्यान्न का कुल अनुमानित मूल्य 18 लाख 86 हजार 345 रुपये है। इसी तरह ग्राम ससकोबा की शासकीय उचित मूल्य दुकान में जांच के दौरान 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर और 8.03 क्विंटल नमक की कमी सामने आई। इसकी अनुमानित कीमत 12 लाख 89 हजार 375 रुपये है। जांच में हितग्राहियों को राशन वितरण से संबंधित अनियमितता भी सामने आई। दोनों दुकानों में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों प्रकरणों को विवेचना में लेते हुए संबंधितों को गिरफ्तार कर लिया है।
उचित मूल्य दुकानों के संचालन पर लगातार निगरानी
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न के स्टॉक, भंडारण और हितग्राहियों को वितरण की व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने संबंधित अधिकारियों को दुकानों का नियमित निरीक्षण करने, स्टॉक का सत्यापन सुनिश्चित करने तथा हितग्राहियों को उनके हक का राशन समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया है।
धरमजयगढ़ की दो उचित मूल्य दुकानों में 31.76 लाख के खाद्यान्न की गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई, प्राथमिकी दर्ज, संबंधित गिरफ्तार
RELATED ARTICLES





Recent Comments