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कोरबा पॉलिटेक्निक कॉलेज में मिली बड़ी लापरवाही, कलेक्टर कुणाल दुदावत सख्त, तीन दिन में सुधार के निर्देश

कोरबा (पब्लिक फोरम)। कोरबा जिले के शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में उस समय हलचल मच गई जब कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। इस निरीक्षण में कॉलेज की शैक्षणिक, प्रशासनिक और लैब सुविधाओं की स्थिति उम्मीद के अनुरूप नहीं मिली, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरुआत प्रशासनिक शाखा से हुई, जहां रिकॉर्ड और उपस्थिति से जुड़ी जानकारी सही ढंग से उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने सभी अभिलेखों को व्यवस्थित रखने और पुराने अनुपयोगी सामान को नियमों के अनुसार स्क्रैप में निस्तारित करने का निर्देश दिया। उनका स्पष्ट कहना था कि किसी भी शासकीय संस्थान में रिकॉर्ड प्रबंधन मजबूत होना जरूरी है।

जब कलेक्टर इलेक्ट्रिकल लैब पहुंचे तो वहां छात्रों को नियमित प्रैक्टिकल नहीं कराए जाने की बात सामने आई। इस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा में प्रैक्टिकल सबसे महत्वपूर्ण होता है और इसे किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने लैब संचालन को व्यवस्थित करने और सभी प्रैक्टिकल गतिविधियों को तय मानकों के अनुसार शुरू करने के निर्देश दिए।

कार्यालयीन व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। स्टाफ कक्षों पर कर्मचारियों के नाम और उनके कार्य का विवरण प्रदर्शित नहीं था। कलेक्टर ने इसे पारदर्शिता में कमी बताते हुए तीन दिन के भीतर नेम प्लेट और कार्य-विभाजन स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का आदेश दिया।

कॉलेज परिसर में सफाई व्यवस्था भी कमजोर नजर आई। गंदगी और अव्यवस्था को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल सफाई सुधारने और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। वहीं प्रोसेस इंस्ट्रुमेंटेशन लैब में खरीदे गए कई कंप्यूटर लंबे समय से उपयोग में नहीं लाए जा रहे थे। इस पर उन्होंने सभी कंप्यूटरों को तीन दिन के भीतर इंस्टॉल कर चालू स्थिति में लाने के निर्देश दिए, ताकि छात्र आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें।

इलेक्ट्रिकल और अन्य लैब में उपकरणों के रखरखाव पर भी सवाल उठे। कलेक्टर ने साफ कहा कि सभी मशीनें हमेशा कार्यशील स्थिति में होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा चल रहे मरम्मत कार्य की गति काफी धीमी है। इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग लैब में सामग्री अव्यवस्थित पाई गई, जिसे व्यवस्थित करने और बेकार वस्तुओं को हटाने के निर्देश दिए गए। बेसिक कंप्यूटर लैब में भी कई कंप्यूटर पैक हालत में मिले, जिन्हें तुरंत छात्रों के उपयोग में लाने के लिए कहा गया। साथ ही कलेक्टर ने कॉलेज में एआई लर्निंग, कंप्यूटर कोडिंग और आधुनिक डिजिटल स्किल्स की ट्रेनिंग शुरू करने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रों से भी बातचीत की और उन्हें उद्योग आधारित शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करना भी जरूरी है।

अंत में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया कि पॉलिटेक्निक कॉलेज कौशल विकास के महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। इसलिए यहां की लैब, मशीनें, कक्षाएं और प्रशासनिक व्यवस्था उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने सभी खामियों को तय समय सीमा में दूर कर कॉलेज को एक मॉडल तकनीकी संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया।

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