राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार
मुख्यमंत्री ने अंतरित की 31वीं किस्त, राशि पहुंचते ही मोबाइल पर गूंजी खुशियों की घंटी
रायगढ़(पब्लिक फोरम)। रक्षाबंधन से पहले जिले की 2 लाख 94 हजार से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में आर्थिक संबल मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बालोद जिले के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह से प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री द्वारा रिमोट का बटन दबाते ही हितग्राही महिलाओं के मोबाइल पर राशि अंतरण के संदेश पहुंचने लगे। इस अवसर पर रायगढ़ जिले की ई-केवाईसी पूर्ण कर चुकी 2 लाख 94 हजार 773 महिलाओं के खातों में 27 करोड़ 4 लाख 49 हजार रुपये की राशि अंतरित हुई। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि से महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों के साथ पर्व की तैयारियां भी आत्मसम्मान के साथ कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माताओं-बहनों के चेहरे की मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
“राखी के पहले राशि मिली, अब किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं”
जिले के ग्राम बड़ेगुंडा की मालती सिदार ने बताया कि घर निर्माण का काम चल रहा है, जिसमें काफी खर्च हो रहा है। ऐसे समय में रक्षाबंधन से पहले खाते में किस्त आने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अब परिवार के साथ रक्षाबंधन का पर्व खुशी से मना सकेंगी। महलोई की मंजरी गुप्ता ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से महिलाओं को पर्व की जरूरतों के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आर्थिक संबल से बढ़ रहा आत्मविश्वास
उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना की नियमित सहायता महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार भी बन रही है। योजना की राशि से महिलाएं अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ परिवार से जुड़े छोटे-बड़े खर्चों में योगदान दे पा रही हैं। इससे उनमें निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ा है और दूसरों पर आर्थिक निर्भरता कम हुई है। रक्षाबंधन से पहले मिली 31वीं किस्त ने जिले की हजारों महिलाओं की खुशियों को और बढ़ाया है। उनके लिए यह राशि केवल खाते में पहुंची आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, भरोसे और आत्मनिर्भरता का संबल है।





Recent Comments