कोरबा (पब्लिक फोरम)। देश के सबसे बड़े पत्रकार संगठनों में से एक, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) की छत्तीसगढ़ इकाई को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। संगठन की नेशनल काउंसलर डॉ. निर्मला शर्मा ने प्रदेश और कोरबा जिले के वरिष्ठ पत्रकारों व पदाधिकारियों से विस्तृत चर्चा के बाद यह घोषणा की। उनका कहना है कि पत्रकारों को हर मुश्किल में साथ देने वाला एक ऐसा संगठन बनाना उनका लक्ष्य है, जो न केवल आर्थिक और कानूनी सहायता दे, बल्कि उनके परिवार और पेशेवर विकास का भी ख्याल रखे।
डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे वे अपने अनुभव और कार्यशैली से सार्थक करेंगी। उन्होंने कहा, “हम प्रदेश इकाई को इतना मजबूत करेंगे कि कोई भी पत्रकार बीमारी, कानूनी पचड़े या विपरीत परिस्थितियों में अकेला न पड़े। हम तत्काल आर्थिक, कानूनी और मानसिक सहायता देकर उनके साथ खड़े रहेंगे।” डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि वे बड़े-बड़े वादे नहीं करतीं, बल्कि जो कहती हैं वही करती हैं।
नई कार्ययोजना के तहत पत्रकारों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग, प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन और पत्रकारिता भ्रमण टूर की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा समय-समय पर कार्यशालाओं और विविध आयोजनों के जरिए पत्रकारों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाया जाएगा।
महिला पत्रकारों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता
डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश के अनेक जिलों की प्रेस क्लब पदाधिकारी महिला पत्रकार और नामचीन वरिष्ठ महिला पत्रकार IFWJ से जुड़ चुकी हैं। एक मजबूत महिला पत्रकार टीम तैयार हो चुकी है, जिसका नेतृत्व वे स्वयं कर रही हैं। फील्ड में काम करते हुए महिला पत्रकारों को जिन अड़चनों का सामना करना पड़ता है, उनके समाधान के लिए भी एक ठोस कार्य योजना बनाई जाएगी।
इस अवसर पर कोरबा जिले से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने संगठन के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और उसे मजबूती देने का संकल्प लिया। इनमें कमलेश यादव, विजय खेत्रपाल, राजेंद्र मेहता, रवि पी. सिंह, वैभव शर्मा, संदीप शर्मा, संदीप केसरवानी, नीलम पड़वार, दीपक जैन, रफीक मेमन, दुर्गेश श्रीवास्तव, मोतीलाल नायक, कैलाश ठाकुर, रघुनंदन सोनी, संतोष दीवान, कमल दीवान, कृष्ण कुमार राठौर, अविनाश कर्ष, जितेंद्र हथठेल, अश्विनी मिश्रा, असलम शेख, रमेश वर्मा, नवाब खान, लक्ष्मण महंत, विकास निर्मलकर, उमेश यादव, दिव्य सृजन शर्मा, श्रद्धा सुमन शर्मा, मुस्कान (मिली), सिमरन खत्री, ममता साहू, लालिमा शुक्ला, प्रतिमा सरकार और गीतिका वैष्णव सहित अनेक पत्रकार शामिल हैं।
पत्रकारिता एक ऐसा पेशा है, जिसमें जोखिम और दबाव अक्सर अकेले झेलने पड़ते हैं। IFWJ की छत्तीसगढ़ इकाई के इस नए संकल्प में वह संभावना दिखती है कि पत्रकार न केवल खबर लिखें, बल्कि संगठित होकर अपने हकों के लिए भी खड़े हो सकें। डॉ. निर्मला शर्मा का यह अभियान छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता को एक नई दिशा और ऊर्जा दे सकता है – बशर्ते वादे जमीन पर उतरें।





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