कोरबा (पब्लिक फोरम)| छत्तीसगढ़ में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को मजबूत करने के लिए शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 आज आम नागरिकों के लिए एक बड़ा सहारा बन चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल का मकसद केवल लोगों की शिकायतें दर्ज करना नहीं है, बल्कि उनकी समस्याओं का तय समय में सही और संतोषजनक समाधान निकालना भी है। इस व्यवस्था के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है, जिससे लोगों का शासन-प्रशासन पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
कोरबा जिले में कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में इस हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें सभी विभागों के अधिकारियों को लंबित मामलों को समय सीमा के भीतर निपटाने और शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने के स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं। लगातार निगरानी और जवाबदेही की इसी कार्यप्रणाली के कारण कोरबा जिला राज्य में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
आंकड़ों की बात करें तो कोरबा जिले में अब तक 4,042 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 73.60 प्रतिशत से अधिक समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। यह आंकड़ा राज्य के औसत 63.84 प्रतिशत से काफी बेहतर है। यही नहीं, जिले के 61.37 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने मिले समाधान पर अपनी खुशी और संतुष्टि जताई है, जो राज्य के औसत 55.68 प्रतिशत से अधिक है। इन आंकड़ों के पीछे कई ऐसी कहानियां हैं, जहां वर्षों से अटके काम घंटों या दिनों में पूरे हो गए।
पाली विकासखंड के ग्राम पोलमी की रहने वाली गौरीबाई के पास लंबे समय से राशन कार्ड नहीं था, जिसकी वजह से वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थीं। उन्होंने जब सीएम हेल्पलाइन 1076 पर अपनी बात रखी, तो अधिकारियों ने तुरंत कदम उठाते हुए प्रक्रिया पूरी की और उन्हें अंत्योदय राशन कार्ड दिलवाया। इसी तरह कटघोरा के सिद्धि विहार में आवारा कुत्तों से परेशान वंदना यादव की शिकायत पर नगर पालिका ने महज कुछ ही घंटों में क्षेत्र में बंध्याकरण और टीकाकरण अभियान चलाया।
शहर की सफाई और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी त्वरित कार्रवाई देखने को मिल रही है। मोतीसागरपारा के शांतनु मिश्रा की नाली की सफाई संबंधी शिकायत पर नगर निगम की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जलभराव दूर किया। वहीं सरदार वल्लभभाई पटेल नगर में लंबे समय से पड़े कचरे को जेसीबी की मदद से साफ कराया गया। इसके अलावा बिजली संबंधी समस्याओं, जैसे खराब स्ट्रीट लाइट या वोल्टेज की अप-डाउन स्थिति का भी विभाग द्वारा महज एक से दो घंटे में समाधान किया गया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
यह सभी उदाहरण दर्शाते हैं कि सीएम हेल्पलाइन 1076 केवल एक नंबर नहीं, बल्कि संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन का एक मजबूत प्रतीक बन गया है। चाहे बात बिजली, पानी, सड़क, राशन की हो या सफाई व्यवस्था की, हर विभाग लोगों की दिक्कतों को दूर करने में तत्परता दिखा रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक को उसकी समस्या का ऐसा हल मिले जिससे वह पूरी तरह संतुष्ट हो।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और जनहितैषी बनी है। कोरबा जिले की यह सफलता साबित करती है कि जब इच्छाशक्ति और सही निगरानी हो, तो योजनाएं धरातल पर बेहतर परिणाम देती हैं।
क्या आपने भी सीएम हेल्पलाइन 1076 का उपयोग किया है? इस व्यवस्था को लेकर आपका अनुभव कैसा रहा या इसमें और क्या सुधार किए जा सकते हैं? आप अपने विचार और सुझाव हमें ईमेल 750publicforum@gmail.com पर भेज सकते हैं। हम आपके अनुभवों को प्रमुखता से स्थान देंगे।





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