कोरबा (पब्लिक फोरम)। स्नेह सदन वृद्धाश्रम में 4.91 लाख रुपये के 300 बमरोधी कंबल खरीदे जाने संबंधी प्रकाशित समाचार पर समाज कल्याण विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने इस खबर को भ्रामक और वास्तविक तथ्यों के विपरीत बताया है। विभाग के अनुसार वृद्धाश्रम के लिए 60 गरम कंबल और 240 सूती चादरें खरीदी गई हैं। GeM पोर्टल पर उत्पाद श्रेणी में दर्ज “Bomb Blanket” शब्द को लेकर भ्रम की स्थिति बनी।
GeM पोर्टल की श्रेणी से पैदा हुआ भ्रम
दैनिक समाचार पत्र पत्रिका में 11 सितंबर को आरटीआई से प्राप्त जानकारी के हवाले से “स्नेह सदन वृद्धाश्रम में 4.91 लाख के 300 बमरोधी कंबल की खरीदी” शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था। इसके बाद समाज कल्याण विभाग, जिला कोरबा ने इस संबंध में अपना पक्ष जारी किया है।
समाज कल्याण विभाग के उप संचालक के अनुसार वृद्धाश्रम के लिए 300 कंबल नहीं खरीदे गए हैं। विभाग का कहना है कि कुल 300 सामग्री में 60 गरम कंबल और 240 सूती चादरें शामिल हैं।
विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 60 गरम कंबलों की कीमत 87,900 रुपये और 240 सूती चादरों की कीमत 4,03,200 रुपये है। दोनों सामग्री अलग-अलग बिलों के माध्यम से खरीदी गई हैं।
बिल में “Bomb Blanket” क्यों लिखा है?
विभाग के मुताबिक सरकारी खरीद के लिए इस्तेमाल होने वाले गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर संबंधित उत्पाद की उत्पाद-श्रेणी का शीर्षक “Bomb Blanket” दर्ज है। इसी श्रेणी के तहत पोर्टल से तैयार बिल में भी यही शब्द दर्ज हो गया।
समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिल में दर्ज इस शब्द का अर्थ यह नहीं है कि वृद्धाश्रम के लिए बमरोधी या विस्फोटरोधी कंबल खरीदे गए थे।
विभाग के अनुसार वृद्धाश्रम में वास्तव में सामान्य उपयोग के गरम कंबल और सूती चादरें ही प्राप्त हुई हैं और उनका उपयोग किया जा रहा है।
छ: सदस्यीय समिति ने किया था भौतिक सत्यापन
विभाग ने बताया कि सामग्री प्राप्त होने के बाद उसकी मात्रा और गुणवत्ता की जांच जिला स्तरीय छह सदस्यीय समिति द्वारा की गई थी।
समिति ने 30 दिसंबर 2024 को मौके पर पहुंचकर सामग्री का भौतिक सत्यापन किया। विभाग के अनुसार जांच में सामग्री की मात्रा और गुणवत्ता का परीक्षण किया गया और उसे सही एवं संतोषजनक पाया गया।
समिति में समाज कल्याण विभाग के उप संचालक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त, जिला रोजगार अधिकारी तथा जिला पंचायत के लेखा अधिकारी शामिल थे।
विभाग के अनुसार समिति के सत्यापन के बाद ही नियमानुसार भुगतान की स्वीकृति प्रदान की गई।
विभाग ने प्रकाशित समाचार को बताया भ्रामक
समाज कल्याण विभाग का कहना है कि प्रकाशित समाचार में GeM पोर्टल पर दर्ज उत्पाद श्रेणी के नाम को वास्तविक खरीदी गई सामग्री के रूप में प्रस्तुत किए जाने से भ्रम पैदा हुआ।
विभाग के मुताबिक वास्तविक खरीदी 60 गरम कंबल और 240 सूती चादरों की हुई है। इसलिए इसे 300 बमरोधी कंबलों की खरीदी बताना तथ्यों के अनुरूप नहीं है।
मामला क्या बताता है?
इस पूरे मामले में मुख्य विवाद खरीदी की वास्तविक सामग्री और GeM पोर्टल पर दर्ज उत्पाद श्रेणी के नाम के बीच अंतर को लेकर है। विभाग ने अपने पक्ष में बिलों और भौतिक सत्यापन का हवाला दिया है।
ऐसे मामलों में सरकारी खरीद से जुड़े दस्तावेजों में दर्ज उत्पाद का नाम, उसकी वास्तविक वस्तु, मात्रा और उपयोग-इन सभी पहलुओं की अलग-अलग पुष्टि करना महत्वपूर्ण होता है। इससे दस्तावेजी शब्दावली के आधार पर पैदा होने वाले भ्रम से बचा जा सकता है और सार्वजनिक धन से जुड़ी खरीद की पारदर्शिता भी बनी रहती है।
स्नेह सदन वृद्धाश्रम की कंबल खरीदी को लेकर उठे सवालों पर समाज कल्याण विभाग ने अपना स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। विभाग के अनुसार 4.91 लाख रुपये की खरीदी में 60 गरम कंबल और 240 सूती चादरें शामिल थीं, न कि 300 बमरोधी कंबल। अब पूरे मामले में वास्तविक स्थिति समझने के लिए संबंधित बिल, GeM पर दर्ज उत्पाद विवरण और भौतिक सत्यापन रिपोर्ट को साथ रखकर देखना ही सबसे विश्वसनीय आधार होगा।






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