कोरबा (पब्लिक फोरम)| मलेरिया का प्रकोप जब किसी क्षेत्र में फैलता है तो सबसे ज्यादा प्रभावित दूरस्थ और वनांचल इलाकों में रहने वाले लोग होते हैं। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले स्थित रामपुर विधानसभा क्षेत्र के वनांचल गांवों में इन दिनों मलेरिया का असर तेजी से देखा जा रहा है। ऐसे मुश्किल वक्त में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि का जनता के बीच खड़ा होना ग्रामीण इलाकों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया ने संवेदनशीलता और जनसेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए खुद दुर्गम क्षेत्रों का दौरा किया और जमीनी हकीकत का जायजा लिया।
विधायक फूलसिंह राठिया ने लेमरू, नकिया, रपता, खम्हूंन और खराखेत जैसे बेहद सुदूर और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले गांवों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की। इनमें से कई इलाके ऐसे थे जहां गाड़ियों का जाना मुमकिन नहीं था। खम्हूंन और खराखेत पहुंचने के लिए विधायक ने लगभग दस किलोमीटर की पैदल यात्रा की। उन्होंने उफनते नालों, पत्थरों और दुर्गम पगडंडियों को पार करते हुए ग्रामीणों के घर-घर जाकर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने बीमार लोगों से मिलकर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली और मलेरिया से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों को लेकर ग्रामीणों को जागरूक भी किया।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रभावित वनांचल गांवों में नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएं, पर्याप्त दवाओं का वितरण हो और व्यापक स्तर पर स्वच्छता व जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधि के इस समर्पण को देखकर ग्रामीणों ने उनकी सराहना की और कहा कि दुर्गम रास्तों को पार कर अपनों की तरह गांव पहुंचना उनकी सच्ची जनसेवा को दर्शाता है।
इस मैदानी दौरे में विधायक के साथ जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा ग्रामीण के अध्यक्ष मनोज चौहान, जिला महामंत्री प्रवीण ओगरे, भूकेश्वर सिंह पैकरा, विधायक प्रतिनिधि बुधवान सिंह तंवर, लेमरू मंडल अध्यक्ष मोहर साय यादव, रामपुर मंडल अध्यक्ष दीनानाथ राठिया, बिसाहू पटेल और आत्माराम मन्नेवार सहित क्षेत्र के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर ग्रामीणों को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया।
जब जनप्रतिनिधि खुद समस्याओं की गहराई में उतरकर जमीनी स्तर पर समाधान का प्रयास करते हैं, तो प्रशासनिक तंत्र भी अधिक मुस्तैद होता है। वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और ऐसे अभियानों पर आपकी क्या राय है? अपने विचार और बहुमूल्य सुझाव हमें ईमेल के माध्यम से 750publicforum@gmail.com पर जरूर भेजें।





Recent Comments