कोरबा (पब्लिक फोरम)| जब हौसले बुलंद हों और इरादे मजबूत, तो राह की हर बाधा आसान लगने लगती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है पोड़ी बहार के रहने वाले ऋषभ जैन ने। बी.एससी. माइक्रोबायोलॉजी द्वितीय वर्ष में पढ़ाई कर रहे ऋषभ के लिए रोज कॉलेज जाना और दैनिक कार्यों को निपटाना बेहद कठिन चुनौती थी। दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने की मजबूरी उनकी पढ़ाई के रास्ते में रुकावट बन रही थी, लेकिन उन्होंने अपने सपनों और हिम्मत को कभी कमज़ोर नहीं होने दिया।
ऋषभ की इस परेशानी को देखते हुए जब जिला प्रशासन तक बात पहुंची, तो प्रशासन का संवेदनशील चेहरा सामने आया। ऋषभ ने 03 अगस्त 2026 को कलेक्टर कुणाल दुदावत के समक्ष आवेदन देकर अपनी समस्या बताई और इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। कलेक्टर ने छात्र की परिस्थिति को गंभीरता से समझा और बिना किसी देरी के संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रशासन की इस मुस्तैदी और संवेदनशीलता का ही नतीजा था कि आवेदन देने के मात्र 24 घंटे के भीतर, यानी 04 अगस्त 2026 को ऋषभ जैन को इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर और एल्बो क्रच प्रदान कर दिए गए। इतनी त्वरित मदद मिलने से ऋषभ के चेहरे पर छाई खुशी देखने लायक थी। अब वे किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर रहे बिना अपने कॉलेज आ-जा सकेंगे और आत्मनिर्भर होकर पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
मदद प्राप्त होने के बाद ऋषभ जैन ने अत्यधिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए एक नया जीवन मिलने जैसी है। अब वे अपने सुनहरे भविष्य की ओर एक नया कदम बढ़ा सकते हैं। उन्होंने इस त्वरित मदद के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत और पूरे जिला प्रशासन का दिल से आभार जताया। जिला प्रशासन की यह त्वरित पहल यह साबित करती है कि अगर नीयत साफ हो और प्रशासनिक तंत्र संवेदनशील हो, तो आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना बहुत आसान हो जाता है।
प्रशासन का यह कदम समाज के अन्य जरूरतमंद और दिव्यांग भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक बेहतरीन उदाहरण है। शासन और प्रशासन की इस संवेदनशीलता पर आपकी क्या राय है? क्या आपके क्षेत्र में भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं? अपने विचार और सुझाव हमारे साथ साझा करने के लिए हमें 750publicforum@gmail.com पर ईमेल करें।





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