कोरबा (पब्लिक फोरम)। बालकोनगर में छत्तीसगढ़ झेरिया धोबी बरेठ समाज, संभाग बिलासपुर-कोरबा परिक्षेत्र की बालको इकाई द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संत गाडगे बाबा की पूजा-अर्चना से हुई। इस अवसर पर समाज के नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं समाजसेवा से जुड़े व्यक्तियों का सम्मान किया गया तथा सामाजिक संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया गया।
बालकोनगर में छत्तीसगढ़ झेरिया धोबी बरेठ समाज, संभाग बिलासपुर–कोरबा परिक्षेत्र की बालको इकाई के तत्वावधान में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाज सुधारक संत गाडगे बाबा की पूजा-अर्चना एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद सम्मान समारोह और सामाजिक बैठक की औपचारिक शुरुआत हुई।
नवनियुक्त पदाधिकारियों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम में संभाग बिलासपुर के नवनियुक्त अध्यक्ष जानाराम कर्ष तथा संभागीय उपाध्यक्ष गिरधारी बरेठ का सम्मान किया गया। सैनिक सुरेश बरेठ की अनुपस्थिति में उनकी माता तथा सेवानिवृत्त एलटीसी कर्मचारी नियम साय का भी सम्मान कर उनके योगदान की सराहना की गई।
सामाजिक नियमों के प्रारूप का किया गया वितरण
आयोजकों ने बताया कि चांपा में आयोजित पूर्व बैठक में तैयार किए गए सामाजिक नियमों के प्रारूप का वितरण भी कार्यक्रम के दौरान किया गया। इसका उद्देश्य समाज के संगठनात्मक कार्यों को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे उपस्थित
समारोह में कोरबा परिक्षेत्र के अध्यक्ष नोधेन बरेठ, संतोष बरेठ (गुरुजी), सचिव संतोष कर्ष, मिलाप राम बरेठ, सदानंद बरेठ, रामकुमार पाटस्कर, महेतर राम बरेठ, टी.आर. बरेठ, गोपेश्वर बरेठ, दुखूराम बरेठ, रामगोविंद बरेठ, राजू बरेठ, सत्यनारायण कर्ष, बालमुकुंद बरेठ सहित अनेक सामाजिक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
महिला सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। हेमलता निर्मलकर, गायत्री कर्ष, आराधना बरेठ, राधिका बरेठ, रजनी बरेठ, चंद्रिका बरेठ, जयंती बरेठ, देवनादनी बरेठ और निर्मला बरेठ सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
सामाजिक एकता और संगठन पर रहा जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज में आपसी सहयोग, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने और नई पीढ़ी को सामाजिक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बालकोनगर में आयोजित यह सम्मान समारोह केवल पदाधिकारियों के अभिनंदन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने का भी माध्यम बना। सामाजिक नियमों के प्रारूप का वितरण और बड़ी संख्या में महिलाओं एवं समाजजनों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि समाज अपने संगठनात्मक विकास और सामूहिक उत्तरदायित्व को लेकर सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है।





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