कोरबा (पब्लिक फोरम)। छत्तीसगढ़ में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के ठेकेदारों के लगभग दो वर्षों से लंबित भुगतानों का मुद्दा अब जिला स्तर तक पहुंच गया है। राज्यव्यापी आंदोलन के बाद गुरुवार को कोरबा कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बकाया राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की। एसोसिएशन का कहना है कि भुगतान में लगातार हो रही देरी से कई ठेकेदार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन के निर्देशानुसार गुरुवार (9 जुलाई 2026) को कोरबा कांट्रेक्टर एसोसिएशन के नेतृत्व में जिले के पीएचई ठेकेदारों ने लंबित भुगतानों की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित था, जिसे अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल तथा कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल को सौंपा गया।
एसोसिएशन ने मांग की कि पिछले लगभग दो वर्षों से लंबित भुगतानों का शीघ्र निपटारा किया जाए ताकि आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे ठेकेदारों को राहत मिल सके।

राज्यव्यापी आंदोलन के बाद जिला स्तर पर पहल
इससे पहले 6 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन के बैनर तले रायपुर में राज्य के विभिन्न जिलों के पीएचई ठेकेदारों ने लंबित भुगतान को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद संगठन ने सभी जिला इकाइयों को अपने-अपने जिलों में प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया था।
इसी क्रम में कोरबा में भी यह ज्ञापन अभियान आयोजित किया गया।

ज्ञापन में एसोसिएशन ने दावा किया है कि भुगतान में लंबे समय से हो रही देरी के कारण अनेक ठेकेदार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। संगठन के अनुसार, कर्ज का बोझ बढ़ने से कुछ ठेकेदारों ने आत्महत्या की है, जबकि कुछ मानसिक तनाव के कारण गंभीर रूप से बीमार हुए हैं। संगठन ने यह भी कहा कि कुछ सदस्यों को हार्ट अटैक और लकवे जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
इन दावों के संबंध में प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

श्रम मंत्री से भी होगी मुलाकात
कोरबा कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने बताया कि प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री तथा कोरबा विधायक लखन लाल देवांगन से शुक्रवार को मुलाकात का समय निर्धारित किया गया है। संगठन के अनुसार मंत्री के मुख्यालय से बाहर होने के कारण गुरुवार को मुलाकात संभव नहीं हो सकी।
ज्ञापन सौंपने के समय जिला कांट्रेक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, सचिव असलम खान, कोषाध्यक्ष संतोष खरे सहित जिले के अनेक ठेकेदार उपस्थित रहे।
पीएचई ठेकेदारों के लंबित भुगतान का मुद्दा अब केवल वित्तीय देरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके सामाजिक और मानवीय प्रभाव भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। यदि भुगतान संबंधी समस्या का समयबद्ध समाधान नहीं होता, तो इससे विकास कार्यों की गति, ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति और सरकारी परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में सभी पक्षों के बीच संवाद और त्वरित निर्णय इस विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।





Recent Comments