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जन संस्कृति मंच दुर्ग-भिलाई इकाई का पुनर्गठन: अशोक तिवारी को अध्यक्ष और सुरेश वाहने को सचिव की जिम्मेदारी

भिलाई (पब्लिक फोरम)। भिलाई में जन संस्कृति मंच (जसम) की दुर्ग-भिलाई इकाई का पुनर्गठन करते हुए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के पदाधिकारियों की मौजूदगी में अशोक तिवारी को अध्यक्ष तथा सुरेश वाहने को लगातार दूसरी बार सचिव चुना गया। बैठक में संगठन विस्तार, युवाओं की भागीदारी और समसामयिक सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

भिलाई के इस्पात नगर में आयोजित जन संस्कृति मंच (जसम) दुर्ग-भिलाई इकाई की महत्वपूर्ण बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में जन संस्कृति मंच छत्तीसगढ़ के संरक्षक-समन्वयक सियाराम शर्मा, राष्ट्रीय सचिव राजकुमार सोनी, राज्य इकाई की अध्यक्ष रूपेन्द्र तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य पूनम संजू तथा प्रसिद्ध कथाकार कैलाश बनवासी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

सर्वसम्मति से आलोचक अशोक तिवारी को दुर्ग-भिलाई इकाई का अध्यक्ष चुना गया, जबकि लेखक सुरेश वाहने को लगातार दूसरी बार सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।

नई कार्यकारिणी में एन. पापा राव, दिव्या और विद्याभूषण को उपाध्यक्ष बनाया गया है। सह-सचिव के रूप में सुबोध देवांगन और पूर्णिमा साहू का चयन किया गया। कोषाध्यक्ष का दायित्व सुलेमान खान तथा सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी अनु वर्मा को दी गई।

सांस्कृतिक गतिविधियों के तहत नाटक टीम का प्रभार संस्कृतिकर्मी हरजिंदर सिंह मोटिया और जयप्रकाश नायर को सौंपा गया।
कार्यकारिणी सदस्यों में मीतादास, घनश्याम त्रिपाठी, अंजन कुमार, अभिषेक पटेल, बृजेन्द्र तिवारी, दिनेश सोलंकी, टेकलाल निराला, पवन कुमार ढिण्ढे और मनिंदर सिंह को शामिल किया गया है।
संगठन के संरक्षक के रूप में सियाराम शर्मा, कैलाश बनवासी और कवि वासुकि प्रसाद ‘उन्मत्त’ को जिम्मेदारी दी गई।

संगठन के इतिहास और वर्तमान चुनौतियों पर हुई चर्चा
बैठक को संबोधित करते हुए सियाराम शर्मा ने जन संस्कृति मंच के सांगठनिक इतिहास और उसके सांस्कृतिक सरोकारों की जानकारी साझा की। उन्होंने नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय सचिव राजकुमार सोनी ने संगठन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों में सांप्रदायिकता तथा फासीवादी प्रवृत्तियों का लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक स्तर पर प्रतिरोध जारी रखना आवश्यक है। यह वक्तव्य उनका व्यक्तिगत संगठनात्मक दृष्टिकोण था, जिसे उन्होंने बैठक के दौरान रखा।

ग्राम नकटी की कार्रवाई की निंदा
बैठक में जन संस्कृति मंच ने ग्राम नकटी में प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के मकान तोड़े जाने की कार्रवाई की निंदा की। संगठन ने प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए उनके पक्ष में संवेदनशील और न्यायपूर्ण कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

पद्मश्री तीजन बाई को दी श्रद्धांजलि
बैठक के समापन पर पंडवानी की प्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। उपस्थित सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए छत्तीसगढ़ की लोक-सांस्कृतिक परंपरा में उनके योगदान को स्मरण किया।

जन संस्कृति मंच दुर्ग-भिलाई इकाई का यह पुनर्गठन केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों को नए सिरे से सक्रिय करने की पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। नई कार्यकारिणी के सामने संगठन विस्तार, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक-सांस्कृतिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होगी।

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