खरसिया (पब्लिक फोरम)। खरसिया के स्वामी विवेकानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 21 जून को 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बेहद गरिमामय और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों व आम नागरिकों ने एक साथ मिलकर सामूहिक योगाभ्यास किया। इस वृहद आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाना और योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के संकल्प को सुदृढ़ करना था।

समाज के हर वर्ग की अनुकरणीय भागीदारी
इस जिला स्तरीय गरिमामय कार्यक्रम में प्रशासनिक समन्वय और जनभागीदारी का एक सुंदर रूप देखने को मिला। आयोजन में मुख्य रूप से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रवीण तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग, नगर पालिका उपाध्यक्ष बंटी सोनी और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. हितेश गबेल सक्रिय रूप से शामिल हुए।
इसके साथ ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी एल.एन. पटेल, नगर मंडल अध्यक्ष विजय शर्मा, पार्षद अरुण चौधरी, शाहिल (चीनू) शर्मा, महामंत्री मनीष रावलानी, किसान मोर्चा जिला प्रवक्ता जयप्रकाश डनसेना सहित स्थानीय गणमान्य नागरिक जैसे हर्ष अग्रवाल, कमलेश नायडू, लक्ष्मी पटेल, छोटू गबेल, राहुल अग्रवाल, प्रेम ठाकुर और दिनेश नायडू ने भी योग सत्र में हिस्सा लिया। विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के उत्साह ने पूरे परिसर को नई ऊर्जा से भर दिया।

योग: शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का मार्ग
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग ने योग के व्यावहारिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“योग केवल शारीरिक व्यायाम की एक पद्धति नहीं है, बल्कि यह जीवन को अनुशासित, संतुलित और स्वस्थ बनाने की एक समग्र कला है। वर्तमान समय की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में नियमित योग न केवल शरीर को निरोगी रखता है, बल्कि मानसिक अवसाद को कम कर व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।”

भारतीय संस्कृति की वैश्विक धरोहर
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रवीण तिवारी ने योग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसकी वैश्विक स्वीकार्यता को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा की महत्ता को स्वीकार कर चुकी है। यह हमारी संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि वे स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और प्रतिदिन योग के लिए समय अवश्य निकालें।

सामूहिक अभ्यास और सामाजिक चेतना का संचार
कार्यक्रम के दौरान अनुभवी योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थित जनसमुदाय ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान (मेडिटेशन) का क्रमबद्ध अभ्यास किया। सुबह के शांत वातावरण में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का पूरा परिसर सकारात्मकता और उत्साह से ओतप्रोत नजर आया। इस दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरी सजगता के साथ आसनों को सीखा।
आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष इसका समापन रहा, जहां यह केवल एक दिन का उत्सव न रहकर एक सामाजिक आंदोलन के रूप में परिवर्तित होता दिखा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं नियमित रूप से योग करेंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगे।





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