न्याय अब दरवाज़े पर – राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा कोरबा आएंगी, महिलाएँ सीधे रख सकेंगी अपनी बात
कोरबा (पब्लिक फोरम)। अगर आप किसी अन्याय को चुपचाप सह रही हैं, तो अब चुप रहने की ज़रूरत नहीं। न्याय खुद आपके शहर में आ रहा है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर 30 अप्रैल 2026 को कोरबा में “राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार – महिला जनसुनवाई” का आयोजन करेंगी। यह जनसुनवाई कलेक्टोरेट सभाकक्ष, कोरबा में दोपहर 1.00 बजे से प्रारंभ होगी।
पहले समीक्षा, फिर सुनवाई
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 11.30 बजे होगी, जब आयोग अध्यक्षा जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगी। इस बैठक में महिला सुरक्षा, शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, कानून-व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की जाएगी।
इसके बाद दोपहर 1.00 बजे से सीधे जनसुनवाई होगी – जहाँ कोई बिचौलिया नहीं, कोई औपचारिकता नहीं, बस महिला और आयोग के बीच सीधा संवाद।
कौन-सी शिकायतें ला सकती हैं?
आयोग ने स्पष्ट किया है कि महिलाएँ निम्नलिखित विषयों पर बिना किसी संकोच के अपनी बात रख सकती हैं –
– घरेलू हिंसा
– कार्यस्थल पर उत्पीड़न
– दहेज प्रताड़ना
– साइबर अपराध
– संपत्ति विवाद
– पारिवारिक एवं सामाजिक उत्पीड़न
– और कोई भी महिला संबंधी शिकायत
यह “वॉक-इन” जनसुनवाई है – यानी किसी पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता नहीं। बस आइए और अपनी बात कहिए।
आयोग का संदेश – आवाज़ उठाएं, हम सुनेंगे
राष्ट्रीय महिला आयोग का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं है – बल्कि प्रशासनिक स्तर पर “त्वरित और ठोस कार्रवाई” सुनिश्चित करना है। आयोग चाहता है कि कोई भी महिला न्याय से वंचित न रहे और उसकी आवाज़ को एक सशक्त, अधिकृत मंच मिले।
कोरबा और आसपास के क्षेत्रों की सभी महिलाओं से अनुरोध है – “इस अवसर को हाथ से न जाने दें।” 30 अप्रैल को अधिक से अधिक संख्या में कलेक्टोरेट सभाकक्ष पहुँचें और अपनी समस्या का समाधान पाएँ।





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