कोरबा (पब्लिक फोरम)| जिले में आम लोगों की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर 27 अप्रैल से “सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के साथ 15 दिनों का सघन जांच अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 11 मई तक चलेगा, जिसमें पूरे जिले में खाद्य पदार्थों और दवाओं की गुणवत्ता की गहन जांच की जा रही है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री और दवाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फल-सब्जी दुकानों, चाय और गुपचुप ठेलों, गन्ना रस और जूस सेंटर, सॉफ्ट ड्रिंक विक्रेताओं के साथ-साथ डेयरी उत्पाद बनाने और बेचने वालों की सख्ती से जांच की जा रही है।
अभियान के पहले ही दिन गुपचुप, चाट, जूस और गन्ना रस विक्रेताओं पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच टीम ने विक्रेताओं को साफ-सफाई बनाए रखने, प्रतिबंधित रंगों का उपयोग न करने और केवल खाद्य-ग्रेड बर्फ का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए औषधि प्रकोष्ठ की संयुक्त टीम बनाई गई है, जिसमें सहायक औषधि नियंत्रक, औषधि निरीक्षक, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हैं। अभियान के पहले चरण में कोरबा ब्लॉक के कॉस्मेटिक और प्रसाधन सामग्री के थोक और खुदरा विक्रेताओं की जांच की गई। दुकानदारों को उत्पादों का सही तरीके से भंडारण करने, एक्सपायरी डेट देखकर ही बिक्री करने और वैध बिल के साथ ही सामान खरीदने के निर्देश दिए गए।
यह अभियान कुल छह चरणों में चलाया जाएगा। इसके तहत दवा दुकानों, कॉस्मेटिक स्टोर्स, वैक्सीन स्टोरेज वाले सरकारी और निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई, नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए मेडिकल स्टोर्स की जांच और लोगों को जागरूक करने के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कई प्रतिष्ठानों में भी जांच की गई, जहां अधिकारियों ने नियमों का पालन सुनिश्चित कराया। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को जागरूक कर स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी काम करेगा।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने साफ कहा है कि जनस्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह पहल न केवल खाद्य और दवा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाकर स्वस्थ समाज की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। आने वाले दिनों में पूरे जिले में इस अभियान के तहत व्यापक जांच और जनजागरूकता कार्यक्रम देखने को मिलेंगे।





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