सरप्राइज चेकिंग, हिट एंड रन मामलों के त्वरित निराकरण और कड़े प्रवर्तन पर जोर
औद्योगिक सुरक्षा, नशामुक्ति अभियान और ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों को मिली नई गति
रायगढ़(पब्लिक फोरम)। रायगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रभावी अमल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रातः 10 बजे प्रारंभ हुई बैठक में कानून व्यवस्था से जुड़े 16 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने एजेंडा वार बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए ठोस रणनीति तय की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं से हो रही असामयिक मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। दुर्घटनाओं के समय और कारणों का विश्लेषण करते हुए यह निर्णय लिया गया कि जिले में हेवी वाहनों, कार एवं मोटरसाइकिल चालकों के विरुद्ध अलग-अलग स्थानों पर लगातार तीन सप्ताह तक सरप्राइज चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए सामान्य प्रशासन, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर समन्वित रूप से कार्रवाई करने को कहा गया।
हिट एंड रन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निराकरण पर जोर दिया गया। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघनों पर की जा रही कार्रवाई की तुलनात्मक समीक्षा कर उसे और तेज करने तथा व्यापक यातायात जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
यातायात प्रबंधन के तहत जिले में जारी प्रयासों की समीक्षा में बताया गया कि स्पीड रडार गन, इंटरसेप्टर वाहन, सतत पेट्रोलिंग और रोड सेफ्टी मानकों के पालन के माध्यम से नियम उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है। चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर रंबल स्ट्रिप, संकेत बोर्ड, हाई मास्ट लाइट, सोलर ब्लिंकर एवं कन्वेक्स मिरर लगाने जैसे सुधार कार्य किए जा रहे हैं, जबकि शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। स्कूलों, कॉलेजों, नुक्कड़ नाटकों, मीडिया और रेडियो के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान भी संचालित किया जा रहा है।
बैठक में नशामुक्ति अभियान की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नवजीवन व्यसन एवं पुनर्वास नशामुक्ति केंद्र, कोहाकुंडा में नशा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास का कार्य निरंतर जारी है। यहां निःशुल्क भोजन, आवास, स्वास्थ्य परीक्षण, योग, मनोरंजन और कौशल प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जोगीडीपा स्लम एरिया में 705 घरों का सर्वे कर नशा पीड़ितों के पुनर्वास हेतु कार्ययोजना पर अमल किया जा रहा है। पुलिस एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से थाना स्तर पर जनचौपाल, कार्यशालाओं और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान को और प्रभावी बनाया जा रहा है। ‘मानस’ पोर्टल के हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
औद्योगिक सुरक्षा के मुद्दे पर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा की गई। विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल, ओआरएस, शेड, कूलर, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फ्लाई ऐश प्रबंधन और श्रमिकों के पंजीयन जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही उत्खनन क्षेत्र में भी वाहन चालकों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्धता सुनिश्चित हो इसके लिए भी संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया।
बैठक में जिला जेल से संबंधित मामलों एवं बंदियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बंदियों के अधिकारों और उनके पुनर्वास से जुड़े सभी पहलुओं पर संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाएगा।
बैठक में बैठक में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, श्री रवि राही, डॉ प्रियंका वर्मा,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा,सहित सभी एसडीएम, संबंधित विभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने प्रशासन-पुलिस की समन्वित रणनीति
जिले में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य समूहों द्वारा समय-समय पर धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस एवं आंदोलन आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा पूर्व तैयारी और समन्वय स्थापित किया जाता है।
आंदोलनों की संभावित रूपरेखा के आधार पर संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों, शांति समिति के सदस्यों एवं अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। इन बैठकों में साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने, यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाव के उपायों पर विशेष चर्चा की जाती है।
इसी कड़ी में जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन के लिए विशेष स्थान आरक्षित एवं चिन्हांकित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आयोजन व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकें और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पुलिस विभाग द्वारा प्रत्येक आयोजन का विश्लेषण कर रणनीति तैयार की जाती है, जिससे जिले में शांति और कानून-व्यवस्था कायम रहे तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।





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