23 मार्च: शहादत का दिन, ज्ञान की नई रोशनी का दिन
रायपुर (पब्लिक फोरम)। जिस दिन भगत सिंह हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए थे, उस दिन उनके हाथ में एक किताब थी। फांसी के वक्त जेल अधिकारी जब उन्हें बुलाने आए, तो उन्होंने कहा था – “थोड़ा रुकिए… एक क्रांतिकारी दूसरे क्रांतिकारी से मिल रहा है।” किताब थी लेनिन की जीवनी। यह सिर्फ एक किस्सा नहीं, यह एक संदेश है – कि किताबें क्रांति की जननी होती हैं।
इसी संदेश को जीवंत करने के लिए जन संस्कृति मंच (जसम), छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक पहल की है। 23 मार्च को – भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर – रायपुर जिले के ग्राम बंगोली में “भगत सिंह-अंबेडकर पुस्तकालय” का शुभारंभ किया जाएगा।
संकल्प से साकार हुआ सपना
यह पुस्तकालय किसी अचानक लिए गए फैसले का नतीजा नहीं है। कुछ महीने पहले जब जसम ने अपना “40वां स्थापना दिवस” मनाया था, तब मंच ने ग्राम बंगोली के किसानों, मजदूरों और ग्रामीण नौजवानों के लिए एक पुस्तकालय खोलने का संकल्प लिया था। आज वह संकल्प मूर्तरूप ले रहा है।
दो महान नामों का आशय
पुस्तकालय का नाम “भगत सिंह और भीमराव अंबेडकर” के नाम पर रखा जाना गहरे सांस्कृतिक और वैचारिक सोच का परिचायक है।
भगत सिंह – जो फांसी से ठीक पहले भी किताब नहीं छोड़ते थे – अध्ययन को क्रांति का हथियार मानते थे। और संविधान निर्माता “डॉ. भीमराव अंबेडकर” का यह कथन आज भी उतना ही सच है – “शिक्षा शेरनी का दूध है… जो भी पियेगा, वह दहाड़ लगाएगा।”
ये दोनों नाम मिलकर इस पुस्तकालय को महज एक कमरा नहीं, बल्कि एक वैचारिक आंदोलन का केंद्र बनाते हैं।
कार्यक्रम की रूपरेखा
पुस्तकालय उद्घाटन के अवसर पर ग्राम बंगोली में एक विशेष सांस्कृतिक-वैचारिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें ग्रामीण जनों के साथ-साथ सुप्रसिद्ध आलोचक सियाराम शर्मा, कॉमरेड नरोत्तम शर्मा और कॉमरेड बृजेन्द्र तिवारी अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम का संचालन संस्कृतिकर्मी राजकुमार सोनी करेंगे।
पुस्तकें भेंट करने की अपील
जसम ने सभी प्रगतिशील लेखकों, कवियों, विचारकों और संस्कृतिकर्मियों से इस कार्यक्रम में उपस्थित रहने की अपील की है। साथ ही वैज्ञानिक सोच और जनचेतना से परिपूर्ण पुस्तकें और पत्रिकाएं पुस्तकालय को भेंट करने का भी आग्रह किया है।
पुस्तकें भेंट करने के लिए इन संपर्क सूत्रों से जुड़ा जा सकता है-
– भिलाई – सियाराम शर्मा : +91 83190 23110
– रायपुर – राजकुमार सोनी : +91 98268 95207
– बिलासपुर – मुदित मिश्रा : +91 98063 09043
– ग्राम बंगोली – नरोत्तम शर्मा : +91 99772 64080
“23 मार्च सिर्फ एक तारीख नहीं – यह उस विरासत को जिंदा रखने का दिन है, जो कहती है: किताबें पढ़ो, सोचो, और दहाड़ो।”





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